नई दिल्ली :- आज के समय में आधार कार्ड एक ज़रूरी दस्तावेज़ है। बैंक अकाउंट खुलवाने से लेकर स्कूल में एडमिशन तक, हर जगह आधार कार्ड की ज़रूरत पड़ती है। बड़ों से लेकर बच्चों तक, हर नागरिक के लिए यह एक जरूरी दस्तावेज है। UIDAI ने इस संबंध में एक बड़ी योजना तैयार की है।
अब 5 से 7 साल के बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट उनके स्कूल में ही हो जाएगा, जिससे उन्हें आधार सेंटर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इससे देश के 7 करोड़ से ज्यादा बच्चों को फायदा होगा, जिनका आधार अभी तक अपडेट नहीं हुआ है।
क्यों जरूरी है बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट
5 साल की उम्र के बाद बच्चों का आधार कार्ड अपडेट करना मेंडेटरी है। इसे Mandatory Biometric Update कहा जाता है, जिसमें बच्चे के फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और फोटो अपडेट किए जाते हैं।
अगर 7 साल की उम्र तक आधार अपडेट नहीं किया जाता है, तो कार्ड इनएक्टिव हो सकता है और बच्चे को सरकारी योजनाओं, स्कॉलरशिप और स्कूल में एडमिशन जैसे वेनिफिट नहीं मिलेंगे।
स्कूलों में भेजी जाएंगी बायोमेट्रिक मशीनें
UIDAI की योजना के अनुसार, हर ज़िले में बायोमेट्रिक मशीनें भेजी जाएंगी, जिन्हें एक स्कूल से दूसरे स्कूल ले जाकर बच्चों के आधार कार्ड अपडेट किए जाएंगे।
2 महीने में शुरू होगा काम
UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने जानकारी दी है कि इस योजना को अगले 2 महीनों में शुरू किया जा सकता है। पहले फेज में यह प्रोसेस उन स्कूलों से शुरू होगी जहां ज्यादा बच्चे हैं।
7 करोड़ से ज्यादा बाल आधार अपडेट नहीं
अधिकारी के अनुसार, 7 करोड़ से ज़्यादा बच्चों का आधार में बायोमेट्रिक अपडेट नहीं हुआ है। इस के चलते UIDAI ने यह फैसला किया और अब विभाग चाहता है कि स्कूल इस प्रोसेस को जल्दी पूरा करें।
बिना अपडेट के बंद हो सकता है आधार
UIDAI ने सोशल मीडिया पर पेरेंट्स और गार्जियन को लगातार चेतावनी दे रहा है कि वे अपने बच्चों के आधार कार्ड समय पर अपडेट करवाएं वरना, उनके आधार कार्ड इनएक्टिव हो सकते हैं और उन्हें DBT बेनिफट, स्कॉलरशिप, एग्जाम और स्कूल एडमिशन जैसी सुविधा नही मिलेगी।
अभी फ्री, बाद में देना होगा चार्ज
0 से 5 साल के बच्चों का आधार कार्ड बिना बायोमेट्रिक के बनता है।
5-7 साल में पहला बायोमेट्रिक में अपडेट कराना मेंडेटरी है। ये प्रोसेस पूरी तरह फ्री है।
यदि 7 साल के बाद अपडेट नहीं कराया तो अपडेट करवाने में 100 रुपये चार्ज लगेगा
