*मऊगंज।* पनवार थाना के तत्कालीन प्रभारी आरएस बागरी मुसीबत पर घिरते ही जा रहे हैं। शराब में खेला किए जाने बाद थाना क्षेत्र के रैकवारा हाल रामबाग निवासी बजरंग शरण तिवारी पिता रामकृपाल तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लेकिन उनके आरोप संदेहास्पद लग रहे हैं। आरोप है कि तत्कालीन थाना प्रभारी पनवार आरएस बागरी ने 28 नवंबर की शाम दो पुलिस वाहन में सवार होकर लगभग 20 से 22 की संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे और उनके पुत्र रामसुंदर तिवारी तथा नाती सानू तिवारी को घर से उठा ले गए। इतना ही नहीं आरोप है। कि थाना प्रभारी ने उनके पुत्र और नाती को गांव के ही विरोधी कुंवर बहादुर सिंह, समर बहादुर सिंह, विकास सिंह, शिवम सिंह, सुनील सिंह, अंबुज सिंह, सभी निवासी चंपागढ़ को सौंप दिया। उपरोक्त लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते उनके पुत्र और नाती के साथ बेरहमी से मारपीट की जिसकी वजह से उनके पुत्र का एक पैर फैक्चर हो गया है। जिसका उपचार डॉक्टर मनमोहन सिंह के नर्सिंग होम में चल रहा है। साथ ही बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी आरएस बागरी ने कहा कि दोनों के मर जाने पर हम एक्सीडेंट का अपराध पंजीबद्ध कर मर्ग कायामि कर लेंगे शिकायतकर्ता ने एसपी से मांग की है कि थाना प्रभारी सहित अन्य आरोपियों के विरुद्ध आज तक एफआईआर दर्ज नहीं की अपित उनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया जाए यदि अपराध पंजीबद्ध नहीं होता है। तो वह अमरण अनशन पर बैठेंगे यहां तक की आत्मदाह किये जाने तक की चेतावनी दी है। शिकायतकर्ता के साथ एसपी कार्यालय स्थानीय पटेहरा निवासी नरेंद्र सिंह बघेल साथ रहे। पटेहरा निवासी नरेंद्र सिंह और आरोपित लोगों के बीच कैसे संबंध है। जिनके बीच तत्कालीन थाना प्रभारी पनवार और आरएस बागरि पीस रहे हैं। यह तो शोध का विषय है।
