उत्तर प्रदेश में बीते शुक्रवार को हुए उमेश पाल हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था। इस हत्याकांड में हुई गोलियों की गूंज सदन तक पहुंची जहां सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियों के बीच खूब बहस हुई। वहीँ अब पुलिस ने आज तीन दिन बाद इस मामले में बड़ी करवाई करते हुए हत्याकांड में शामिल एक आरोपी का एनकाउंटर कर दिया है।
जज ने पूछा – कस्टडी क्यों चाहिए …
बदमाश का नाम अरबाज है और वो अतीक अहमद के बेटे असद का ड्राइवर था और उस दिन वह गाडी चला रहा था। साथ ही उसने फायरिंग भी की थी। आरोपी का एनकांटर धूमनगंज में नेहरू पार्क के पास किया गया है। बदमाश अरबाज वारदात के बाद से नेहरू पार्क इलाके में छिपा था।
जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम वहां पहुंची जिसके बाद नेहरू पार्क पर क्राइम ब्रांच की उससे मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से जमकर गोलीबारी हुई जिसके बाद अरबाज की एक गोली से एक पुलिस कर्मी घायल हो गया।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलीबारी की जिससे गोली उसके पैर और उसके सीने में लगी। घायल अवस्था में उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल भर्ती कराया गया था जहां उसकी मौत हो गई। बता दें कि उमेश पाल बसपा विधायक रहे राजू पाल मर्डर केस के मुख्य गवाह थे।
शुक्रवार को उमेश पाल कोर्ट से गवाही देकर घर के गेट पर पहुंचे जहां उनका पीछा कर रहे हमलावर कार से उतरे और दनादन गोलीबारी करनी शुरु कर दी। घर की तरफ जैसे ही वे भागे तो उन्होने बम फेंक कर मार दिया। उनके गनर संदीप मिश्रा और राघवेंद्र सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं अभी वह वेंटिलेटर पर है।