क्या आप कभी नई कार की EMI की पेमेंट करना भूले हैं. ऐसे मौके पर अक्सर बैंक की तरफ से ईएमआई चुकाने के लिए कॉल आती हैं. हालांकि, वो दिन दूर नहीं जब ईएमआई ना चुकाने पर कार स्टार्ट ही नहीं होगी. कनेक्टेड कार टेक वैसे तो कस्टमर्स के लिए काफी फायदेमंद हैं, लेकिन कुछ लोगों को इससे तगड़ा झटका भी लग सकता है. दरअसल, अमेरिकी कार कंपनी Ford Motor ने एक नई टेक्नोलॉजी का पेटेंट फाइल किया है, जो ईएमआई की पेमेंट ना होने पर कार को चलने से रोक देगी.
फोर्ड मोटर की नई टेक्नोलॉजी एयर कंडीशनिंग और इंजन को बंद कर देगी. यहां तक कि कार को लॉक भी कर सकती है. राहत की बात ये है कि फोर्ड मोटर फिलहाल इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कस्टमर्स पर नहीं करेगा.लॉ एक्सपर्ट्स की अलग रायनया पेटेंट फोर्ड द्वारा हाल ही में फाइल किए कई आवदेनों में से एक है. नई टेक्नोलॉजी का पेटेंट कानूनी दाव-पेंचों में उलझ सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नेशनल कंज्यूमर लॉ सेंटर के सीनियर वकील ने कहा कि फोर्ड की नई टेक्नोलॉजी ऐसी है जैसे कीड़ों के डिब्बे को खोलना. एक कार मैन्यूफैक्चरर होने के नाते आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है.
ऐसे काम करेगी टेक्नोलॉजीफोर्ड मोटर द्वारा दी गई पेटेंट एप्लिकेशन को रीपजेशन टेक्नोलॉजी के तौर पर पेश किया जा रहा है. यह कार की एयर कंडीशनिंग बंद कर सकती है. इसके अलावा पेमेंट ना किए जाने पर क्रूज कंट्रोल और ऑटोमेटेड विंडो जैसे फीचर्स भी बंद हो सकते हैं. इससे बढ़कर ये टेक्नोलॉजी कारमेकर के लिए कार के एक्सेलेरेटर या इंजन को भी बंद कर देगी. इससे कार मालिक के लिए ड्राइविंग करना लगभग नामुमिकन हो जाएगा.
इन सब चीजों से भी आगे बढ़कर कंपनी आटोमैटिक कारों को एक ऐसी लोकेशन पर ड्राइव करके लाने पर काम कर रही है जहां दूसरी गाड़ियों को भी जब्त करके लाया जाता है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि फोर्ड का इस टेक्नोलॉजी को पेटेंट मिला है या नहीं. लीगल अथॉरिटी भी दो धड़ों में बंट गई है. एक धड़े को डर है कि इस टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है.