क्या आपने किसी इंसान को ‘केमिकल बम’ बनते देखा है? ऐसा इंसान, जिसकी मौजदूगी से फिजा में जहर घुलने लग जाए. उसके संपर्क में आते ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लग जाए. सुनकर यह थोड़ा फिल्मी लग रहा होगा, लेकिन एक ऐसी भी महिला थी, जो मरते-मरते कई लोगों की जिंदगी तबाह कर गई.
दुनिया इस महिला को ‘जहरीली औरत’ के नाम से जानती है.यहां बात हो रही है अमेरिका के कैलिफोर्निया की ग्लोरिया रामिरेज की, जिन्हें मीडिया ने ‘टॉक्सिक वुमन’ करार दिया था. बात 1994 की है, जब ग्लोरिया के कॉन्टैक्ट में आते ही रिवरसाइड जनरल हॉस्पिटल के कई स्टाफ बेहोश होकर गिर पड़े थे. ग्लोरिया को सर्वाइकल कैंसर के अंतिम स्टेज में होने पर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया था.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे पहले एक नर्स ने उनके शरीर से लहसुन जैसी अजीब-सी गंध आने की सूचना दी. इसके बाद डॉक्टरों और नर्सों सहित कई चिकित्सा कर्मियों को चक्कर और मितली महसूस होने लगी.
कई बेहोश होकर गिर पड़े, तो कुछ ने बताया कि उनके मुंह में धातु जैसा स्वाद आ रहा है.इसके बाद हालात इतने बिगड़ गए कि अस्पताल को इमरजेंसी वार्ड खाली करने के लिए मजबूर होना पड़ा. आनन-फानन में खतरनाक सामग्री की जांच करने वाली टीम बुलाई गई. लेकिन उन्हें कुछ समझ में नहीं आया. बाद में पता चला कि इस अजीब स्थिति के पीछे ग्लोरिया का ब्लड था, जो जहरीला हो चुका था.डॉक्टरों के मुताबिक, ग्लोरिया के खून में एक असामान्य रासायनिक संरचना थी. नसें अजीब तैलीय पदार्थ से भर गईं थीं, जिसे बाद में डाइमिथाइल सल्फोक्साइड (डीएमएसओ) के रूप में पहचाना गया.
हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी डॉक्टर्स ग्लोरिया को बचा नहीं पाए. भर्ती होने के कुछ ही घंटों बाद महिला ने दम तोड़ दिया था.लेकिन ग्लोरिया के जहरीले खून की गुत्थी आज भी एक अनसुलझी पहेली है. उनकी मौत के बाद कई थ्योरी सामने आई, जिनमें से एक बताती है कि उनके खून में डीएमएसओ की मौजूदगी की एक वजह कैंसर ट्रीटमेंट भी है.
