नई दिल्ली:– सनातन धर्म में व्रत त्योहार और तिथियों का बड़ा महत्व है। क्योंकि, जिन तिथियां में व्रत, अनुष्ठान और पूजन संपन्न कराए जाते हैं वे किसी न किसी देवी देवताओं के अनुष्ठान से जुड़े होते है। इनमें से एक है ‘हरियाली तीज’ इस साल ‘हरियाली तीज’ (Hariyali Teej 2024) 7 अगस्त को मनाई जाएगी।
जानकारों के अनुसार, इस दिन झूला-झूलने की परंपरा रही है। महिलाएं, सजधज कर, पूजा के बाद झूला झूलती हैं और लोकगीत गाती हैं। अगर आप भी अपने बचपन के दिनों को याद करें, तो समझ पाएंगे कि झूला झूलना आपके लिए कितना खास होता है। झूल झूलने के दौरान कैसे आप तमाम चीजों को भूल जाते हैं और आपको किसी बात की चिंता नहीं होती है।
जानिए क्या होते हैं झूला झूलने के फायदे
इस दौरान आप सबसे ज्यादा खुशी महसूस करते थे। तो, यही तमाम चीजें आपके शरीर की कुछ स्थितियों को बदलने में मदद कर सकती हैं और यही असल में झूला झूलने के फायदे हैं। ऐसे में आइए जान लीजिए झूला झूलने के अन्य फायदे-
1- प्राप्त जानकारी के अनुसार, झूला झूलना, हमारे दिमाग के लिए एक एक्सरसाइज की तरह काम करता है। इस दौरान हम अपने मसल्स, पैर, हाथ और अपने शरीर के निचले भाग का पूरा इस्तेमाल करते हैं जिससे शरीर एक्टिव रहता है।
2- इस दौरान तमाम मांसपेशियों में जमा फैट भी बर्न होता है और ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। तो, इन तमाम कारणों से इस हरियाली तीज आपको बिना अपनी उम्र देखे झूला झूलना चाहिए।
3- एक्सपर्ट्स के अनुसार, झूला झूलने के दौरान आपके मन में जो खुशी और उमंग होती है यही, आपके कार्टिसोल हार्मोन को कम करने का काम करता है। ये मूड बूस्टर की तरह है जो आपके मन को खुश कर देता है।
4- इसके अलावा ये आपके शरीर में हैप्पी हार्मोन्स के प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है और सेरोटोनिन को भी बढ़ाता है जिससे नींद बेहतर होती है। इस प्रकार से ये आपकी मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
5- झूला झूलना आपके फोकस को बढ़ाता है और दिमाग को अलर्ट करने में मदद करता है। इससे होता ये है कि आपके दिमाग का कुछ हिस्सा जिसका कम इस्तेमाल होता वो एक्टिवेट हो जाता है। इसके अलावा ये आपके ब्रेन की न्यूरल गतिविधियों को तेज करता है और फिर तमाम नसों के लिए एक्सरसाइज बन जाता है।
