यूपी:- देश में हो रहे लोकसभा चुनाव में महंगाई और बेरोजगारी के साथ-साथ आरक्षण का मुद्दा भी खूब गरमाया हुआ है. कांग्रेस और राहुल गांधी ने दावा किया है कि अगर बीजेपी की सरकार बनती है तो वह आरक्षण को खत्म कर देगी. वहीं, अब राहुल के इन आरोपों पर बीजेपी नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कांग्रेस की वजह से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया में एससी अनुसूचित जाति-एसटी अनुसूचित जनजाति और ओबीसी अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण नहीं है.
दरअसल, राहुल गांधी ने शनिवार 27 अप्रैल को कहा कि बीजेपी नेताओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबियों के बयानों से अब साफ हो गया है कि उनका मकसद संविधान बदल कर देश का लोकतंत्र तबाह कर देना है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों का आरक्षण छीन कर देश चलाने में उनकी भागीदारी खत्म करना करना चाहती है. राहुल ने कहा कि संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए कांग्रेस चट्टान की तरह बीजेपी की राह में खड़ी है, जब तक कांग्रेस है, तब तक वंचितों से उनका आरक्षण दुनिया की कोई ताकत नहीं छीन सकती.
भाजपा नेताओं और नरेंद्र मोदी के करीबियों के बयानों से अब साफ हो गया है कि उनका उद्देश्य है –
1 – संविधान बदल कर देश का लोकतंत्र तबाह कर देना।
2 – दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों का आरक्षण छीन कर देश चलाने में उनकी भागीदारी खत्म करना।
लेकिन संविधान और आरक्षण की रक्षा के लिए…
आरक्षण खत्म करना होता तो अब तक हो चुका होता: अमित शाह
वहीं, अमित शाह ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस आरक्षण को लेकर देशवासियों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा, राहुल गांधी निराधार झूठ बोलकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. इस देश में पिछले 10 साल से बीजेपी की सरकार है. दोनों बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनी है. अगर बीजेपी की आरक्षण खत्म करने की मंशा होती तो अब तक वह खत्म हो चुका होता. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलित, पिछड़े और आदिवासी लोगों को गारंटी दी है कि जब तक बीजेपी है, तब तक आरक्षण को कोई हाथ नहीं लग सकता है.
