नई दिल्ली:– हिमाचल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपुओं से सस्ता राशन की सुविधा का लाभ उठाने वाले लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है. डिपुओं में अब उपभोक्ताओं को राशन के लिए कतारों को अधिक देर तक खड़ा नहीं रहना पड़ेगा. खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग अब ऐसी व्यवस्था करने जा रहा है कि राशन का बिल चुटकी बजाते ही उपभोक्ता के हाथों में होगा. इसके लिए विभाग डिपुओं को 5G नेट कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है. ऐसे में आने वाले समय में डिपुओं से सस्ता राशन खरीदने में उपभोक्ताओं का कीमती समय बर्बाद होने से बचेगा. विभाग इस पर कार्य करना शुरू कर दिया है.
कंपनी की पेमेंट करने पर रोक
हिमाचल भी टेक्नोलॉजी के दौर में लगातार आगे बढ़ रहा है. डिपुओं में हाथों से राशन का बिल काटने में उपभोक्ताओं का वक्त बर्बाद न हो और राशन वितरण में पारदर्शिता लाने को विभाग ने POS मशीनों की व्यवस्था की है, लेकिन 5G के इस दौर में अभी तक प्रदेशभर के डिपुओं में स्थापित की गई POS मशीनों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी 2G से आगे नहीं बढ़ पाई है.
यही नहीं टेक्नोलॉजी के दौर में 8 से 10 दिनों तक सर्वर भी डाउन होने से डिपो संचालकों को राशन का बिल काटने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जिससे उपभोक्ताओं को राशन खरीदने के लिए डिपुओं के कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं और इससे उनका कीमती समय बर्बाद हो रहा है. डिपो में जब POS मशीनों को लगाने के लिए कंपनी को ठेका दिया गया था तो MoU के मुताबिक इंटरनेट कनेक्टिविटी भी कंपनी की जिम्मेवारी थी, लेकिन इसके बाद भी इंटरनेट के लिए भी डिपो संचालकों को ही अपनी जेब से पैसा खर्च करना पड़ रहा है. जिसको देखते हुए अब विभाग ने कंपनी की पेमेंट जारी करने पर रोक लगा दी है.
कंपनी के पैसे से होगी पेमेंट
हिमाचल प्रदेश में डिपो संचालकों को नेट कनेक्टिविटी के लिए अब अपनी जेब ढीली नहीं करनी होगी. विभाग ने POS मशीनों में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए जिस कंपनी से करार किया था. विभाग ने कंपनी की पेमेंट रोक दी है. ऐसे में जब तक डिपुओं में 5G नेट कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध नहीं हो जाती है, तब कंपनी के पैसे को रोक कर डिपो धारकों को नेट पर आने वाले खर्च का भुगतान किया जाएगा.
डिपो संचालकों ने वापस लिया निर्णय
हिमाचल में स्थापित की गई POS मशीनों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी की सुविधा न मिलने से डिपो संचालकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. डिपो संचालकों ने सरकार को 30 अप्रैल इंटरनेट कनेक्टिविटी का अल्टीमेट दिया था, लेकिन तय अवधि तक समस्या का समाधान न होने से डिपो संचालक 1 मई से सस्ते राशन के वितरण की व्यवस्था को रोक दिया था. जिसके बाद हिमाचल प्रदेश डिपो संचालक समिति के अध्यक्ष अशोक कवि के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक के साथ एक बैठक हुई. इस दौरान विभाग से आश्वासन मिलने के बाद डिपो संचालकों ने अब अपने निर्णय को वापस ले लिया है, जिसके बाद अब डिपुओं के माध्यम से उपभोक्ताओं को सस्ता राशन की सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो गया है.
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक रामकुमार गौतम ने कहा, “उपभोक्ताओं को राशन खरीदते वक्त परेशानियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए डिपुओं को 5G नेटवर्क कनेक्टिविटी की सुविधा से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं. डिपुओं में लगी POS मशीनों को जब तक नेट कनेक्टिविटी से नहीं जोड़ा जाता है, तब कंपनी की पेमेंट को रोककर डिपो संचालकों को नेट पर आने वाले खर्च का भुगतान किया जाएगा.
