मध्यप्रदेश :– हनुमना -उच्च न्यायालय जबलपुर के निर्देशानुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विनोद चौधरी एवं न्यायाधीश कीर्ति दुबे के कुशल निर्देशन में हनुमान न्यायालय परिसर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में साइबर एक्सपर्ट मोहित मिश्रा एवं न्यायाधीशों द्वारा साइबर क्राइम से बचने के विभिन्न पहलुओं पर जहां जानकारी देते हुए बताया गया कि साइबर अपराध से बचने के लिए इसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी तथा सतर्कता ही सबसे बड़ा सार्थक उपाय है साइबर क्राइम एक्सपर्ट मोहित मिश्रा ने वर्तमान में चल रहे साइबर से संबंधित तकरीबन दर्जन भर तरह के आम लोगों के दैनिक जीवन मे घटित होने वाले साइबर अपराधो के बारे में जानकारी देते हुए उनसे कैसे बचा जा सकता है या साइबर क्राइम का शिकार होने वाले व्यक्ति को कहां और किस प्रकार की शिकायत करके अपराधी तक पहुंचा जा सकता है या उससे दोबारा ठगी का शिकार ना हो आदि विषयों पर खुलकर चर्चा की वही न्यायिक मजिस्ट्रेट विनोद चौधरी ने इससे बचने के उपाय के साथ ही साइबर अपराध पर कौन से अपराध पर किस प्रकार की सजा है आदि के बारे में भी विशेष जानकारी जहां दी वही न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कीर्ति दुबे ने भी अपने विचार रखते हुए लोगों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी इस अवसर पर एडवोकेट नीरज गौतम ने आपबीती बताते हुए नौ लाख पचास हजार 950000 की ठगी का उल्लेख करते हुए कहा कि आज सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कार्यपालिका ही अपनी जिम्मेदारी से दूर हट चुकी है ऐसे अपराधों में कार्यपालिका की उदासीनता अपराधी तक पहुंचने में अधिकांश मामलों मेंकोई इंटरेस्ट नहीं लेती इस कारण भी अपराधियों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं एडवोकेट कृष्ण कुमार मिश्रा ने कहा प्रत्येक काम के लिए सबसे पहले ओटीपी मंगाई जाती है और यह ओटीपी ही ठगी का सबसे बड़ा माध्यम होता है आवश्यकता है इस ओटीपी सिस्टम को समाप्त किया जाए।

5 लाख के शिकार हुए एक व्यक्ति ने बताया कि उसे फोन आया और उसे पर उसे ₹500000 उसके अकाउंट से एक प्राइवेट बैंक के माध्यम से उसके निकालिए गए जिसकी शिकायत करने पर₹100000 तो उसे वापस किसी कदर मिल गए लेकिन चार लाख दिलाने की बजाय साइबर सेल के विनय कुमार एवं सतना के टी आई महोदय ने स्वयं ही सांठ गांठ कर आज तक मुझे उल्लू बना रहे हैं मुझे तो लगता है कि वह ₹400000 उन लोगों ने स्वयं डकार ली या पूछे जाने पर की क्या इसकी अपील किसी न्यायालय में की है उन्होंने बताया कि नहीं अपील अभी नहीं की है अपील करने का प्लान है इस प्रकार सबसे बड़ी बात यह भी निकाल कर आई की कार्यपालिका अर्थात पुलिस की करमण्यता भी इस अपराध को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है इस अवसर पर पत्रकार विकास परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता पत्रकार संपति दास गुप्ता ,अधिवक्ता एडवोकेट कमलनयन केसरी एडवोकेट नरेंद्र कुमार द्विवेदी एडवोकेट शैलेंद्र गुप्ता राजेंद्र प्रसाद तिवारी कृष्णकांत मिश्रा राजेश कुमार पटेल राजेश कुमार सोनी,हरिहर प्रसाद द्विवेदी आदि भारी संख्या में अधिवक्तागण न्यायालय स्टाफ तथा गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति विशेष उल्लेखनीय रही।

