नई दिल्ली:– कुंडली में हर एक ग्रह का अपना-अपना रोल होता है। अगर कुंडली में कोई भी ग्रह कमजोर पड़ता है तो उसका सीधा असर इंसान की जिंदगी पर दिखता है। आज बात करेंगे गुरु ग्रह की। इस ग्रह के कमजोर होते ही इंसान के करियर और हेल्थ में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के हिसाब से अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरू की स्थिति कमजोर है तो उसे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रहों की कमजोर स्थिति को कुछ उपायों से ठीक भी कर सकते हैं। रत्न शास्त्र में भी इसके उपाय बताए गए हैं। सबसे पहले जानिए कि गुरु के कमजोर होने पर व्यक्ति के जीवन में क्या-क्या चीजें होती हैं?
गुरु खराब होते ही मिलते हैं ये संकेत
बता दें कि गुरु ग्रह को सबसे बड़ा माना गया है। ये ग्रह जिसकी भी कुंडली में मजबूत स्थिति में होता है, उस व्यक्ति को कभी भी सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती है। इस ग्रह के कमजोर होने के चलते ही छात्रों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है। इस वजह से हमेशा पढ़ाई-लिखाई के मामलों में हमेशा अड़चन आती ही रहेगी। इसी के साथ पैसों की भी हानि होती जाती है। वहीं कई लोगों की शादी में भी गुरु की कमजोर स्थिति बार-बार बाधा की स्थिति पैदा करता है। गुरु खराब होने पर स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या भी होने लगती है। ऐसे लोगों को पेट से जुड़ी हर एक बीमारी धीरे-धीरे पकड़ लेती है। ऐसे लोगों में कब्ज और अपच की स्थिति हमेशा बनी रहती
खराब गुरु के उपाय और रत्न
कुंडली में गुरु की स्थिति को मजबूत करने के लिए कई तरह के उपाय किए जा सकते हैं। अगर गुरुवार को पीली चीजों का दान किया जाए तो बहुत फायदा मिलता है। साथ ही इस दिन नहाते वक्त पानी में थोड़ी हल्दी मिला लेने से भी इसका खूब फायदा मिलेगा। गुरुवार को विष्णु भगवान की पूजा या व्रत रखने से भी काफी हद तक गुरु की खराब स्थिति को सही किया जा सकता है। इसके अलावा पुखराज धारण करने से भी काफी लाभ मिलते हैं। आमतौर पर इसे सोने में ही बनवाया जाता है। इसकी रिंग को दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में पहनना सही रहता है। बता दें कि पुखराज को पहनते ही आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। साथ ही धीरे-धीरे सारे रुके हुए काम पूरे होने लगते हैं। पुखराज को धारण करने के लिए हमेशा गुरुवार के दिन को ही चुनें। धनु और मीन राशि वालों के लिए भी ये रत्न काफी मददगार साबित होता है।
