नई दिल्ली :- क्या आप जानते है अच्छी सेहत के लिए पौष्टिक आहार का सेवन बेहद जरूरी है, पर किसी एक पोषक तत्व की अधिकता सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकती है। असल में अधिकता किसी भी चीज की हानिकारक होती है, पोषक तत्वों के संबंध में भी यह बात पूरी तरह लागू होती है। बात चाहे विटामिन की हो या खनिज तत्वों की,आवश्यकता से अधिक पोषक तत्व की मौजूदगी शरीर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।
इस आर्टिकल में हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं कि अधिक मात्रा में विटामिन और मिनरल्स का सेवन शरीर को किस तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। इसके चलते शरीर में किस तरह के बदलाव नजर आ सकते हैं। इन लक्षणों को पहचान कर आप इस विषय में सचेत हो सकते हैं और पोषक तत्वों की अधिकता से होने वाले नुकसान से आप बच सकते हैं।
बता दें कि हमने इस बारे में लखनऊ के जनरल फिजिशियन डॉ. बृजेंद्र सिंह से बात की है और उनसे मिली जानकारी यहां आपके साथ शेयर कर रहे हैं। तो चलिए जानते हैं कि शरीर में पोषक तत्वों की अधिकता के कारण किस तरह के परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
यूरिन करने में दिक्कत आना किडनी संबंधी समस्याओं का लक्षण है और इसकी एक बड़ी वजह बनती है शरीर में कैल्शियम की अधिकता। जी हां, हड्डियों की मजबूती और शारीरिक विकास के लिए कैल्शियम जरूरी है। ऐसे में डॉक्टर भी कैल्शियम की पूर्ति पर ध्यान देने की सलाह देते हैं, पर इसके साथ ही जानने वाली बात यह है कि शरीर में कैल्शियम की अधिकता किडनी के लिए हानिकारक होती है।
बता दें कि शरीर में मौजूद अधिक कैल्शियम को फिल्टर करने में किडनी को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे कैल्शियम की कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसके कारण बार-बार यूरिन आने की समस्या हो सकती है। इसलिए अगर आप कैल्शियम सप्लीमेंट्स ले रहे हैं तो ध्यान रहे कि शरीर में इसकी अधिकता न हो।
कब्ज, अपच और पेट में दर्द जैसी पाचन संबंधी समस्याएं शरीर में आयरन की अधिकता का संकेत हो सकती हैं। आयरन की अधिकता पाचन तंत्र के लिए घातक होती है, ऐसे में इसके कारण कब्ज और पाचन से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। बता दें कि यही वजह है कि प्रेग्नेंसी में आयरन सप्लीमेंट लेने की वजह से अक्सर महिलाओं को कब्ज की समस्या हो जाती है। वहीं अगर सही वक्त इसका उपचार न हो तो इसके चलते बवासीर की समस्या भी हो सकती है। इसलिए आयरन के सप्लीमेंट्स लेते वक्त मात्रा का ध्यान रखें।शरीर में विटामिन डी की अधिकता भी पेट और आंतों की सेहत के लिए नुकसानदेह होती है। ऐसे में पेट में दर्द, डायरिया और कब्ज की समस्या हो सकती है।
विटामिन ई की अधिकता के कारण जी मिचलाने, उल्टी होने, चक्कर आने और पेट में गैस बनने जैसी समस्याएं नजर आती हैं। इसलिए अगर आप विटामिन ई के कैप्सूल ले रहे हैं तो आपको सावधानी होने की जरूरत है। विटामिन सी की अधिकता के कारण भी उल्टी की समस्या हो सकती है। इसलिए विटामिन सी का सेवन भी सोच समझकर ही करना चाहिए।
बालों के विकास के लिए पौष्टिक आहार का सेवन जरूरी है, पर ध्यान रखने वाली बात यह है कि कुछ विटामिन की अधिकता बालों के झड़ने की वजह भी बन सकती है। जी हां, बता दें कि शरीर में विटामिन ए की अधिकता के कारण बालों के झड़ने की समस्या पेश आ सकती है। इसलिए अगर आपके बाल अचानक तेजी से झड़ने लगे हैं तो ध्यान दें कि कहीं आप विटामिन ए की अधिक मात्रा तो नहीं ले रहे हैं।
मैग्नीशियम, ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में काफी हद तक सहायक साबित होता है। पर मैग्नीशियम की अधिकता के कारण ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर से काफी नीचे जा सकता है, जिसके कारण हाइपोटेंशन की समस्या हो सकती है। इसलिए मैग्नीशियम सप्लीमेंट्स का सेवन भी सोच-समझकर ही करना चाहिए।
विटामिन सी की अधिकता के कारण शरीर में एसिडिक जूस की मात्रा बढ़ती है, इसके कारण सीने और पेट में जलन की समस्या पेश आ सकती है। इसलिए अगर आप सिट्रस फलों का अधिक सेवन कर रहे हैं तो इस बारे में सावधान होने की जरूरत है।
