नई दिल्ली:- अब तक आपने देखा होगा कि जितने भी जानवर बच्चों को जन्म देते हैं और स्तनधारी होते हैं, उनका दूध सफेद रंग का ही होता है. शायद ही कभी आपने नीले-पीले, हरे या लाल रंग का दूध देखा हो. हालांकि आज हम आपको एक ऐसे जानवर के बारे में बताएंगे, जिसका दूध गुलाबी रंग का होता है. शायद ही आप इस जानवर का नाम जानते होंगे.
हम जिन भी जानवरों का दूध पीते हैं, वो सफेद ही होता है. हां, गाय के दूध में हल्का पीलापन ज़रूर होता है लेकिन ये भी क्रीम की वजह से होता है. आखिर जब सारे जानवरों के दूध का रंग सफेद ही है, तो आखिर कोई जानवर गुलाबी रंग का दूध कैसे दे सकता है? उसमें क्या खास चीज़ होती है, जो दूध का रंग ही बदल देती है.
किस जानवर का दूध होता है गुलाबी
हममें से ज्यादातर लोगों को ये बात नहीं पता होगी कि दरियाई घोड़े या हिप्पोपोटेम्स के दूध का रंग गहरा गुलाबी होता है. सामान्य तौर पर दूध में पाए जाने कैसीन प्रोटीन की वजह से दूध का रंग सफेद होता है. हिप्पो के दूध के गुलाबी होने की वजह इसमें पाया जाने वाला दो तरह का एसिड है. एक एसिड है -हिप्पोसुडोरिक एसिड जो कि लाल रंग का होता है और दूसरा एसिड – नोरहिप्पोसुडोरिक एसिड है, जो नारंगी रंग का होता है. यही वजह है कि दरियाई घोड़े के दूध का रंग सफेद के बजाय गुलाबी होता है.
इस पक्षी का भी दूध है गुलाबी
जानवरों की तरह ही कुछ पक्षी भी दूध का उत्पादन करते हैं. हालांकि इनका दूध ज़रा गाढ़ा और ठोस होता है. आपने खूबसूरत राजहंस या फ्लैमिंगो पक्षी को देखा होगा. जिस तरह इसका रंग गुलाबी होता है, उसी तरह इसका दूध भी चमकदार लाल या गुलाबी रंग का होता है. इसकी वजह है कैरोटिनॉयड्स पिगमेंट है, जो फ्लैमिंगो को श्रिंप खाने की वजह से मिलता है.
