नई दिल्ली:– अब बिहार में देसी गाय के गोबर की बनी ईंट से मकान भी बनेंगे। राज्य सरकार ने इसकी तैयारी शुरू की है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने पहली बार इस अनोखी योजना को साकार करने का जिम्मा उठाया है। इसके लिए ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि उसका उपयोग वे ईंट निर्माण के अलावा देसी गाय के गोबर से राखी, गमला, मूर्ति, दीया और अगरबत्ती निर्माण के लिए भी कर सकेंगे
दरअसल, विभाग ने गोबर उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए आर्थिक रूप से विपन्न 18-50 आयु वर्ग की 120 महिलाएं चयनित होंगी। इसमें विधवा, परित्यक्त, दलित और आदिवासी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशिक्षण के दूसरे चरण में उत्पाद की बिक्री के लिए ऑनलाइन बाजार मिलेगा।
बोले अधिकारी
पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी बताती हैं, बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं। महिलाओं को स्वरोजगारोन्मुखी बनाने के दृष्टिकोण से सरकार द्वारा अनेक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन सकें। ग्रामीण इलाके में गोबर पर्याप्त मात्रा में मिलती है। इनके उत्पाद को बाजार दिलाने में पूरी मदद की जाएगी।
पीरपैंती के किसान सिन्हा ललन रामनारायण और दयानंद सिंह ने गोबर से ईंट और पेंट तैयार किया है। जो आकार में तो सामान्य ईंट की तरह ही है, लेकिन खासियत में उससे कई गुना ज्यादा है। साथ ही साथ इसकी कीमत भी कम है। रामनारायण बताते हैं, गोबर से बनी ईंट पर्यावरण अनुकूल है। ये ईंटें मजबूत होती हैं। पानी और आग प्रतिरोधी होती हैं। यह तापमान को नियंत्रित करने में भी मदद करती है जिससे इन ईंटों से बने घरों में गर्मी का असर कम होगा।
