*रायपुर:-* आगामी लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों के ऐलान से ठीक कुछ समय पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के इस्तीफा देने के मामले पर कांग्रेस ने केंद्र की शासित मोदी सरकार पर निशाना साधा है. साथ ही इस तरह के फैसले को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक बताया है. कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव के ठीक पहले चुनाव आयुक्त अरुण गोयल का इस्तीफा देना हैरान करने वाला है. उन्होंने कहा कि अब चुनावों की घोषणा में ज्यादा समय नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि इसमें बिल्कुल भी पारदर्शिता नहीं है कि ईसीआई जैसी संवैधानिक संस्था कैसे काम कर रही है और सरकार उन पर किस तरह दबाव डालती है. *लोकतांत्रिक परंपराओं को खत्म करने पर आमदा शासन*के सी वेणुगोपाल ने कहा कि साल 2019 के चुनावों के दौरान अशोक लवासा ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए प्रधानमंत्री को क्लीन चिट देने के खिलाफ असहमति जताई थी. इस घटना के बाद उनको लगातार पूछताछ का सामना करना पड़ा था. इस तरह का तरीका दर्शाता है कि शासन लोकतांत्रिक परंपराओं को खत्म करने पर आमदा है. कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने आगे कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए और ईसीआई को हर समय पूरी तरह से गैर-पक्षपातपूर्ण तरीके से अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करना चाहिए. *अरुण गोयल का बाकी था अभी 3 साल का कार्यकाल*इस बीच देखा जाए तो निवर्तमान चुनाव आयुक्त अरुण गोयल का कार्यकाल 2027 तक था. इससे पहले चुनाव आयुक्त पद से अरुण गोयल के इस्तीफा देने को लेकर किसी को जानकारी नहीं थी. किसी को भी इस बात की उम्मीद नहीं थी कि अरुण गोयल जिनका अभी करीब 3 साल का और कार्यकाल बाकी है, वो पहले ही अपना इस्तीफा दे देंगे।
