नई दिल्ली:- आम की कीमतें आमतौर पर बाजार में 150 से 300 रुपये प्रति किलो के बीच होती हैं, लेकिन मियाजाकी आम की एक किस्म है जिसकी कीमत बेहद ज्यादा होती है. जानकारी के मुताबिक इस आम की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है.
अपने शानदार स्वाद, चटक लाल-बैंगनी रंग और शानदार बनावट के लिए मशहूर इस दुर्लभ फल को अब तेलंगाना के खम्मम के एक किसान उगा रहे हैं. कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान एक किसान ने इस आम के प्रोडक्शन का साहसिक कदम उठाया. इसके लिए उन्होंने कैलिफोर्निया से 12 हजार रुपये प्रति पौधे की लागत से 30 मियाजाकी आम के पौधे आयात किए. अब वे पेड़ फल दे रहे हैं.
करीब 500 ग्राम आम का वजन
नाम न छापने की शर्त पर किसान ने बताया, “इस साल हर पेड़ पर 30 फल लग रहे हैं और अगले साल हर पेड़ पर करीब 80 फल लगने की उम्मीद है. हर आम का वजन करीब 500 ग्राम होता है. ये आम अन्य किस्मों के आम की तुलना में एक महीने पहले खिलते और पकते हैं.”
120 और पौधे खरीदे
परिणामों से उत्साहित किसान ने अब आंध्र प्रदेश में कडियाम नर्सरी से 3,500 रुपये प्रति पौधे की दर से 120 और पौधे खरीदकर खेती का विस्तार किया है. इन्हें एक अतिरिक्त एकड़ भूमि पर उगाया जा रहा है. फिलहाल, फल का उपयोग परिवार के कंजप्शन के लिए किया जा रहा है, लेकिन वह जल्द ही इसे व्यावसायिक रूप से बेचने की योजना बना रहे हैं.
क्यों महंगे होते हैं ये आम?
मियाजाकी आम, जिसे पहली बार 1984 में जापान के मियाजाकी प्रान्त में उगाया गया था.अपनी असाधारण मिठास, मलाईदार बनावट और गहरे लाल से बैंगनी रंग के लिए मशहूर है. सीमित वैश्विक उत्पादन, डिमांड और क्वालिटी के आधार पर फल की कीमतें ढाई से तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक होती हैं.
जिला बागवानी अधिकारियों ने बताया कि फल एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी, ई, ए और के से भी भरपूर है. यह स्किन हेल्थ, कैंसर की रोकथाम और इंसुलिन रेगुलेट के लिए फायदेमंद है. हालांकि, यह कीटों के लिए अतिसंवेदनशील है, जिसमें रस चूसने वाले कीड़े और पत्ती के धब्बे की बीमारी शामिल है, जिससे इसकी खेती करना एक चुनौतीपूर्ण काम बन जाता है.