नई दिल्ली :– प्रधानमंत्री मोदी ने बाघ अभयारण्यों की सूची में 58वां अभयारण्य शामिल करने की आज रविवार को सराहना करते हुए कहा कि यह ‘‘वन्यजीव प्रेमियों के लिए अद्भुत खबर” है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बीते शनिवार को कहा था कि उन्हें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि देश में 58वां बाघ अभयारण्य बन गया है और नवीनतम अभयारण्य मध्य प्रदेश का माधव बाघ अभयारण्य है।
आज भूपेंद्र यादव के पोस्ट को टैग करते हुए मोदी ने ‘X’ पर कहा, ‘‘वन्यजीव प्रेमियों के लिए अद्भुत खबर! भारत में वन्यजीव विविधता और वन्यजीवों को सम्मान देने वाली संस्कृति है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “हम हमेशा जानवरों की सुरक्षा और एक जीवंत ग्रह के लिए योगदान देने में सबसे आगे रहेंगे।”
इसके साथ ही एनटीसीए भारत सरकार ने दो नए बाघ, जिसमें एक नर और एक मादा बाघ लाने की स्वीकृति दी है, जो आगामी 10 मार्च 2025 को माधव टाइगर रिजर्व में छोड़े जाएंगे। इस प्रकार माधव टाइगर रिजर्व के कुल बाघों की संख्या अब सात हो जाएगी, जिसमें पांच वयस्क बाघ (दो नर एवं तीन मादा) और दो शावक होंगे।पन्ना टाइगर रिजर्व और रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बीच में स्थित माधव टाइगर रिजर्व बनाए जाने से सम्पूर्ण क्षेत्र में वन्यजीव एवं बाघों का संरक्षण प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
वहीं आज माधव टाइगर रिजर्व के ऐलान के बाद प्रदेश में अब इनकी कुल संख्या 9 हो जाएगी। इसके अलावा कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, संजय दुबरी, नौरादेही और रातापानी में भी टाइगर रिजर्व हैं। बता दें कि, मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा प्राप्त है। वहीं साल 2022 की गणना के मुताबिक यहां 785 बाघ थे, जिनकी संख्या आज के समय में लगातार बढ़ रही है और एमपी में बाघों के संरक्षण के लिए यहां कि ‘यादव’ सरकार लगातार काम कर रही है।
