वास्तु शास्त्र के अनुसार हर चीज में ऊर्जा होती है, फिर चाहे वो सकारात्मक हो या नकारात्मक ऊर्जा. साफ-सफाई में उपयोग होने वाली जरूरी चीज झाड़ू को तो वास्तु शास्त्र में बहुत महत्व दिया गया है.
दरअसल, झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से है. झाड़ू को लेकर की गई गलतियां मां लक्ष्मी को नाराज कर देती हैं इसलिए झाड़ू को लेकर बताए गए नियमों का पालन जरूर करना चाहिए. जैसे- झाड़ू खरीदने, पुरानी झाड़ू अलग करने से लेकर झाड़ू का रखरखाव और उसका उपयोग. दरअसल झाड़ू कचरे के रूम में मौजूद नकारात्मकता को घर से बाहर करती है. ऐसे में जरूरी है कि उसे लेकर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए.
झाड़ू के जरूरी नियम
- झाड़ू को कभी भी पैर ना मारें, यदि गलती से पैर लग भी जाए तो तुरंत झाड़ू छूकर माफी मांगें. झाड़ू को पैर मारना मां लक्ष्मी को नाराज करता है.
- झाड़ू को घर में हर कहीं नहीं रखें. बल्कि इसके लिए उचित स्थान बनाएं. इसे ऐसी जगह रखें कि यह बाहरी लोगों को दिखाई ना दें. ना ही झाड़ू को पूजा घर, तुलसी जी या तिजोरी के पास रखें. झाड़ू को किचन और बेडरूम में रखना भी अशुभ होता है.
- कभी भी टूटी हुई झाड़ू का इस्तेमाल ना करें. जब भी झाड़ू पुरानी हो जाए या खराब हो जाए तो उसे हटा दें. टूटी हुई झाड़ू घर में समस्याएं और गरीबी बढ़ाती है. पुरानी झाड़ू को घर से बाहर फेंकने के लिए शनिवार और अमावस्या का दिन सबसे अच्छा होता है. पुरानी झाड़ू को ग्रहण के बाद या फिर होलिका दहन होने के बाद फेंकना भी अच्छा होता है. माना जाता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा भी निकल जाती है.
- कभी भी पुरानी झाड़ू को गुरुवार या शुक्रवार के दिन घर से बाहर नहीं फेंकना चाहिए. एकादशी और पूर्णिमा के दिन भी झाड़ू नहीं फेंकनी चाहिए. ऐसा करना घर में कंगाली लाता है.
- पुरानी झाड़ू को हर कहीं ना फेंकें बल्कि ऐसी जगह फेंकें जहां किसी का पैर ना लगे. ना ही जलाएं.
