वित्त वर्ष FY23 में निफ्टी और सेंसेक्स ने बड़े पैमाने पर नेगेटिव रिटर्न दिया, वहीं, अधिक आर्थिक जोखिमों के कारण गोल्ड की कीमतों में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. अब वित्तीय वर्ष FY24 बुलियन के लिए आकर्षक लग रहा है, गोल्ड की कीमतें मौजूदा वित्त वर्ष में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ सकती हैं.इस वजह से बढ़ी हैं कीमतेंपिछले हफ्ते 31 मार्च को एमसीएक्स सोना वायदा 5 जून के लिए मैच्योर हो रहा है.
वित्त वर्ष FY23 में सोने का भाव 295 या 0.49 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 59,600 रुपये प्रति 10 ग्राम बंद हुआ था, लेकिन वायदा 60,065 रुपये तक बढ़ा था. अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दर को लेकर अपनाए गए आक्रामक रुख की वजह से सोने की खरीदारी बढ़ी है और कीमतों में इजाफा हुआ है. 15 फीसदी का रिटर्न पिछले वित्त वर्ष 2023 घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में 52000 से 60000 तक की भारी 8000 रुपये की उछाल आई है. यानी कुल 15 फीसदी का रिटर्न गोल्ड ने दिया है. वहीं, वित्त वर्ष 23 में निफ्टी ने नेगेटिव रिटर्न दिया है. क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से पैदा हुए जियो-पॉलिटिकल तनाव ने ग्लोबल स्तर पर महंगाई दर को बढ़ा दिया.:
महंगाई पर काबू पाने के लिए केंद्रीय बैंकों ने ब्याज दरों में इजाफा करना शुरू कर दिया है. इसके बाद ग्लोबल मंदी की आशंका के बादल मंडराने लगे. संकट की स्थिति को देखते हुए दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीदारी शुरू कर दी और इसकी कीमतें चमक उठीं.68000 तक पहुंच सकता है गोल्ड का भावसेफ्टी के नजरिए से आरओआई के मामले में सोना अभी भी आकर्षक लग रहा है. वैश्विक स्तर पर महंगाई दर अभी भी हाई लेवल पर बनी हुई है. इस वजह से ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम नजर आ रही है. इसलिए जानकारों का कहना है कि मौजूदा वित्त वर्ष में भी सोने की कीमतों में तेजी नजर आ सकती है.
अगले साल यानी वित्त वर्ष 24 के अंत तक पहुंचने से पहले ही बेस केस परफॉर्मेंस के आधार पर सोने की कीमतें आसानी से 66000-68000 तक पहुंच सकती हैं. अगर का मार्केट का सेंटिमेंट बुलिश नजर आया, तो गोल्ड में निवेश करने वालों को 20 फीसदी तक का रिटर्न मिल सकता है.