नई दिल्ली: कहते हैं सफलता उन्हीं को मिलती है जो कभी हार नहीं मानते हैं। जिन लोगों के सपनों में जान होती है और खुद पर भरोसा होता है। वह एक न एक दिन सफलता जरूर हासिल कर लेते हैं। दुनिया में सफलता हर कोई पाना चाहता है, लेकिन बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो इसके लिए कोशिश करना नहीं छोड़ते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है ऑनलाइन ऐप ड्रीम 11 (Dream11) के फाउंडर और CEO हर्ष जैन ने। आज इस ऐप के बारे में देश का बच्चा-बच्चा जानता है। इस ऐप पर फैंटेसी क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल सहित तमाम खेल को लेकर सट्टेबाजी की जाती है, लेकिन, आज इस सफलता के मुकाम पर बैठी यह कंपनी कभी पाई-पाई को मोहताज थी। ड्रीम 11 के पीछे दो दोस्तों का हाथ है। हर्ष जैन ने अपने दोस्त भावित सेठ के साथ मिलकर ड्रीम 11 की शुरुआत की थी।
150 बार हुए रिजेक्टआज इस सफलता के मुकाम पर बैठी यह कंपनी कभी पाई-पाई को मोहताज थी और इसे बनाने वाले हर्ष और भावित सेठ के आइडिया को एक-दो बार नहीं सौ से ज्यादा बार सिरे से खारिज किया गया। उन्होंने पूरे 150 वेंचर्स के पास जाकर अपना आइडिया सुनाया और निवेश करने की गुहार लगाई। सभी ने उनके आइडिया को रिजेक्ट कर दिया। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और न ही अपने आइडिया को बदला।
आखिरकार उन्हें एक निवेशक मिला और हर्ष का आइडिया अब एक स्टार्टअप के रूप में लोगों के सामने था। हर्ष का हौसला और भरोसा रंग लाया। आज उनकी कंपनी का मार्केट वैल्यू 64 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।ऐसे हुई शुरुआतआईपीएल की शुरुआत के दौरान साल 2008 में हर्ष और भावित ने ड्रीम 11 (Dream 11) के आइडिया पर काम करना शुरू किया था। हर्ष कंपनी में डिजाइन, टेक, प्रोडक्ट और मार्केटिंग का काम देख रहे थे तो भावित ऑपरेशन का काम संभाल रहे थे। कंपनी बनने के बाद शुरुआत में फंडिंग की काफी दिक्कत रही।
हर्ष ने खुद कहा था कि साल 2012 के बाद उन्होंने कंपनी को फंड दिलाने के लिए 2 साल में करीब डेढ़ सौ वेंचर कैपिटलिस्ट से संपर्क किया। लेकिन सभी ने उनके आइडिया को सिरे से नकार दिया था। तमाम मुश्किलों और असफलताओं के बाद हर्ष और भावित की कंपनी को बड़ी सफलता उस वक्त मिली, जब उन्हें साल 2020 आईपीएल की स्पांसरशिप राइट मिले। इसके बाद से कंपनी का नाम बच्चे-बच्चे के जुंबा पर चढ़ गया।
