नई दिल्ली:- घर में टॉयलेट का सही दिशा में होना जरूरी है. वरना ना तो करियर में तरक्की मिलती है और बच्चों को पढ़ाई में अच्छे नतीजे मिलते हैं. साथ ही गलत दिशा में बनी टॉयलेट रिश्तों, मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर डालती है.
दक्षिण दिशा है विसर्जन की दिशा
घर में टॉयलेट का सही दिशा में होना जरूरी है. वरना ना तो करियर में तरक्की मिलती है और बच्चों को पढ़ाई में अच्छे नतीजे मिलते हैं. साथ ही गलत दिशा में बनी टॉयलेट रिश्तों, मानसिक सेहत पर नकारात्मक असर डालती है.
दक्षिण दिशा है विसर्जन की दिशा
वास्तुशास्त्र के अनुसार दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा को विसर्जन के लिए उत्तम माना गया है. यानी कि घर में टॉयलेट दक्षिण दिशा में बनवाना सबसे उत्तम होता है.
टॉयलेट सीट का मुख
कम से कम इस बात का पालन जरूर करें कि टॉयलेट सीट इस तरह हो कि बैठते समय मुख दक्षिण दिशा की ओर हो. इससे घर में समृद्धि रहती है. नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
इस दिशा में ना बनवाएं टॉयले
कभी भी घर की उत्तर दिशा में टॉयलेट ना बनवाएं. इससे घर के सदस्यों को रोजगार में समस्या होती है. बार-बार आय में रुकावट आती है. वे कड़ी मेहनत और लाख कोशिशों के बाद भी करियर में आगे नहीं बढ़ पाते हैं. इसी तरह उत्तर-पूर्व दिशा में बना शौचालय परिवार के सदस्यों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है और बीमारियां देता है.
