नई दिल्ली, 12 फरवरी । परंपरागत खुदरा कारोबारियों के अखिल भारतीय संगठन कैट ने दिल्ली सहित सभी राज्यों में कोविड-19 महामारी के संकट के समय तीन-तीन लॉकडाउन के समय व्यापारियों को हुए नुकसान की आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भरपायी किए जाने की मांग उठायी है।
कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज़ (कैट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं महासचिव प्रवीण खंडेलवाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस मांग को लेकर एक पत्र लिखा है। व्यापारी नेताओं ने शनिवार को एक बयान में कहा कि गृह मंत्री श्री शाह से आग्रह है कि वर्ष 2020 से करोना महामारी के कारण समय-समय पर लागू किए गए तीनों लॉकडाउन के चलते दिल्ली सहित देश के व्यापारियों को हुए व्यापार के नुकसान की भरपाई आपदा प्रबंधन कानून, 2005 की धारा 12 के अंतर्गत की जाए।”
कैट का कहना है कि धारा 12 में स्पष्ट कहा गया है की किसी भी आपदा से प्रभावित लोगों के नुकसान की भरपाई की जाएगी जिसके अनुसार आजीविका कमाने के साधन को पुन:स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा सहायता प्रदान की
जाएगी।
कैट ने कहा कि वर्ष 2020 से लेकर अब तक देश में तीन बार लॉक डाउन केंद्र एवं राज्य सरकार ने लगाया जिसमें पहले दो लॉकडाउन में लम्बे समय तक के लिए व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करने के आदेश दिए गए जबकि इस वर्ष करोना के मामलों में बेहद तेज़ी के कारण सरकारों ने अनेक प्रकार के प्रतिबन्ध लगाए जिसके कारण देश भर के व्यापारियों की आजीविका का साधन बेहद बुरी तरह प्रभावित हुआ। संगठन का कहना है कि केंद्र सरकार अथवा किसी भी राज्य सरकार ने ही व्यापारियों को न तो कोई आर्थिक पैकेज दिया एवं न ही कोई सहायता दी। इन सबके चलते देश के व्यापारियों को अपना व्यापार दोबारा सुचारु रूप से चलाने में बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।