नई दिल्ली:– भारत का रूस से सस्ता तेल खरीदना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रास नहीं आ रहा है। ट्रंप ने एक बार फिर अपने तीखे तेवर दिखाते हुए बड़ा दावा किया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। उन्होंने कहा कि ये खबर उन्हें मिली है, ये सही है या गलत, वो नहीं जानते। लेकिन इस फैसले को उन्होंने ‘अच्छा कदम’ बताया है।
दरअसल, ट्रंप की ये प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अमेरिका रूस पर तेल बेचकर हो रही इनकम को सीमित करने के लिए वैश्विक दबाव बना रहा है। ट्रंप ने भारत की इस कथित नीति पर दोहरा रुख दिखाते हुए एक तरफ तो कहा कि ये सही है या गलत ये वे नहीं जानते, लेकिन दूसरी तरफ इसे ‘अच्छा फैसला’ करार दिया।
ट्रंप ने भारत के रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका की टैरिफ नीति का बम भी फोड़ दिया है। पहले जहां उन्होंने 1 अगस्त से 25% टैरिफ लागू करने की बात कही थी, अब इसे एक हफ्ते आगे बढ़ाकर 7 अगस्त से लागू करने का ऐलान किया है।
ट्रंप की दोहरी नीति उजागर!
भारत को रूस से तेल सस्ते दामों में मिलता है, जो भारत के हित में है। लेकिन ट्रंप इस डील से खासे नाराज़ दिखे। एक ओर वे कह रहे हैं कि भारत का ये फैसला सही है या गलत, उन्हें नहीं पता। दूसरी ओर वे इसी फैसले पर ‘खुशी’ भी जता रहे हैं। इससे ट्रंप की दोहरी नीति साफ झलक रही है।
“NIA देखेगी आगे क्या होता है”
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या भारत पर अतिरिक्त जुर्माना लगेगा और क्या वे पीएम मोदी से इस मुद्दे पर बात करेंगे, तो उन्होंने कहा- “NIA देखेगी आगे क्या होता है।”
