बीजापुर:- धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर में अब लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिल रही है. सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने और नियद नेल्लानार योजना के विस्तार से इस इलाके की तस्वीर बदल रही है. लाल आतंक का खौफ कम हो रहा है. लोगों का विश्वास सरकार और जिला प्रशासन पर बन रहा है. जिले के कई ऐसे इलाके हैं जहां पर कैंप खुले हैं. जिससे बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है. अब तो धुर नक्सलगढ़ इलाके में हाट बाजार भी लगने लगे हैं.
पुजारी कांकेर में 20 साल बाद साप्ताहिक बाजार: बीजापुर के धुर नक्सल प्रभावित इलाके पुजारी कांकेर में 20 साल बाद साप्ताहिक बाजार लगा है. यह इलाका कभी माओवादियों का गढ़ हुआ करता था. यहां नक्सलियों ने ग्रामीणों पर आर्थिक नाकेबंदी लगा दी थी जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. यहां के लोगों को दैनिक जरूरत की चीजों को लेने के लिए 30 से 40 किलोमीटर की दूरी तय करके उसूर जाना पड़ता था. इतना ही नहीं लोगों को तेलंगाना के चेरला भी जाना पड़ता था, तब जाकर लोगों को दैनिक जरूरत की चीजें मिल पाती थी.