यूपी:- पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 को लेकर योगी सरकार ने शनिवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।इस परीक्षा को पेपर लीक होने के आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही युवाओं को न्याय दिलाने के लिए अगले छह महीने में ही दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया गया है। यह परीक्षा 17 और 18 फरवरी को हुई थी, जिसमें 60,244 सिपाही पदों के लिए 50 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। इसमें से 48 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा के दौरान और बाद में कई शिकायतें आईं, जिनमें पेपर लीक, उत्तर कुंजी में गलतियां, अभ्यर्थियों को धमकाना, अनुचित साधनों का उपयोग करना आदि शामिल थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने सभी तथ्यों और साक्ष्यों की समीक्षा की और परीक्षा की शुचिता को बरकरार रखने के लिए इसे रद्द करने का निर्णय लिया।
योगी सरकार का युवाओं के प्रति संवेदनशील रवैया
योगी सरकार ने युवाओं के हित में यह फैसला लेते हुए उनकी मेहनत और उम्मीदों का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे अपना हक पाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले छह महीने में ही पूर्ण शुचिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।
इसके अलावा, योगी सरकार ने परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का भी ऐलान किया है। उन्होंने एसटीएफ को सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए हैं। एसटीएफ ने अब तक 300 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच जारी है।
