भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की ओर से भेजे गए चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान के बाद अब लैंडर विक्रम भी स्लीप मोड में चला गया है. इसरो के वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रयान-3 ने अपना काम पूरा कर लिया है. चंद्रयान से जैसी उम्मीद की गई थी, उससे बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं. इस जानकारी के साथ ही इसरो ने ‘मून हॉप’ की खास तस्वीर भी शेयर की है.चांद की जमीं पर मौजूद रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम की जानकारी देते हुए इसरो ने ट्वीट किया है. ट्वीट के जरिए बताया गया है कि विक्रम लैंडर को आज भारतीय समय के मुताबिक 8 बजे स्लीप मोड में भेज दिया गया है.
वैज्ञानिकों ने बताया कि लैंडर रिसीवर को चालू रखा गया है और सोलर एनर्जी खत्म होने के बाद विक्रम लैंडर, रोवर प्रज्ञान के बगल में स्लीप मोड में पहुंच गया है. अब हर किसी को 22 सितंबर को विक्रम और प्रज्ञान के फिर से एक्टिव होने की उम्मीद है.चांद पर रोवर ने अपना काम पूरा किया14 जुलाई को लॉन्च किए गए चंद्रयान-3 के रोवर प्रज्ञान और लैंडर विक्रम ने अब तक का काम पूरा कर लिया है. रोवर की ओर से धरती पर अब तक जो भी जानकारी भेजी गई है उस पर अध्ययन किया जा रहा है.
बता दें कि रोवर प्रज्ञान ने ऑक्सीजन के साथ-साथ चांद के दक्षिणी ध्रुव पर एल्युमिनियम, आयरन, टाइटेनियम, कैल्शियम, मैगनीज, सिलिकॉल और सल्फर का पता लगाया है. इस खोज के साथ ही भारत दुनिया का पहला देश है जिसने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ऑक्सीजन के सबूत दिए हैं. इसरो का अगला पड़ाव चांद के इस हिस्से में जीवन के सबूत खोजना है.
रोवर प्रज्ञान में 10 दिन में तय किया 100 मीटर का सफरइसरो के वैज्ञानिकों ने 23 अगस्त शाम 6 बजकर 3 मिनट पर चांद के सतर पर सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया था. लैंडर विक्रम के चांद पर उतरने के करीब चार घंटे बाद रोवर प्रज्ञान ने चांद पर कदम रखा था. लैंडर विक्रम ने चांद की जिस शिवशक्ति प्वाइंट पर कदम रखा था, वहां से रोवर प्रज्ञान ने पिछले 10 दिनों में 100 मीटर का सफर तय कर लिया है.
