नई दिल्ली:– हम भारत-पाकिस्तान के मामले में दखल नहीं देंगे…’ ये बयान अमेरिका की तरफ से आया है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को एक टीवी इंटरव्यू में ये साफ कर दिया है कि वह इस मामले में नहीं बोलेंगे।
अमेरिका के इस बयान से ये समझा जा सकता है कि दुनियाभर में पाकिस्तान अब बेनकाब हो गया है। हालांकि, अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने इस बात की चिंता जताई है कि दोनों ही मुल्क परमाणु-सशस्त्र हैं, ऐसे में एक-दूसरे से टकराने पर बहुत नुकसान हो सकता है, जो एक बड़े संघर्ष को जन्म भी दे सकता है।
वेंस ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस बात पर जोर दे चुके हैं कि दक्षिण एशिया में तनाव जल्द से जल्द कम होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि “हम न तो भारतीयों को हथियार डालने के लिए कह सकते हैं और न ही पाकिस्तानियों से यह उम्मीद कर सकते हैं। हमारा काम केवल यही है कि हम कूटनीतिक माध्यमों से बात रखें और इस लड़ाई को गंभीर रूप लेने से रोकने की कोशिश करें।”
जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने गुरुवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग बात की और तनाव कम करने की बात कही है। साथ ही रूबियो ने पाकिस्तान से आतंकवादी ठिकानों को किसी भी तरह का समर्थन बंद करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है।
वहीं रूबियो ने यह भी बताया कि वाशिंगटन दक्षिण एशिया की स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है। क्योंकि वे इस इलाके में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए काम करना चाहते हैं। साथ ही अमेरिका ने पाकिस्तान में मौजूद अपने नागरिकों से आग्रह किया है कि वह वासप अमेरिका लौट जाएं या फिर किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं।
