नई दिल्ली:- नारायण कल्कि को भगवान का दसवां अवतार माना जाता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि यह भगवान विष्णु का आखिरी अवतार होगा। ऐसे में चलिए जानते हैं भगवान विष्णु के आखिरी अवतार यानी भगवान कल्कि के विषय में कुछ महत्वपूर्ण बातें।इसका वर्णन कल्कि पुराण, अग्नि पुराण, ब्रह्मांड पुराण, भविष्योत्तर पुराण और महाकाव्य महाभारत में भी मिलता है। कल्कि पुराण और अग्नि पुराण में यह भविष्यवाणी की गई है कि भगवान विष्णु के ‘कल्कि’ अवतार कलियुग के अंत में अवतरित होंगे। विष्णु जी के कल्कि अवतार का उद्देश्य पाप का नाश कर सत्य और धर्म की स्थापना करना होगा।
धार्मिक पुराणों के अनुसार कलयुग लगभग 432,000 वर्षों का है, जिसका अभी प्रथम चरण चल रहा है। ऐसे में कलयुग के अंतिम चरण में भगवान कल्कि अवतरित होंगे। कल्कि पुराण में बताया गया है कि भगवान विष्णु का कल्कि अवतार उत्तर प्रदेश के संभल नामक जिले में होगा। इनका जन्म एक ब्रह्माण परिमार में होगा। इनके पिता का नाम विष्णुयश होगा और माता का नाम सुमति होगा।
नारायण के अन्य अवतार-
पहला अवतार – मत्स्य
दूसरा अवतार कूर्म
तीसरा अवतार वराह
चौथा अवतार – नृसिंह
पांचवां अवतार – वामन देवता
छठा अवतार – परशुराम
सातवा अवतार – प्रभु श्रीराम
आठवा अवतार – श्रीकृष्ण
नौवा अवतार – महात्मा बुद्ध
दसवां अवतार – कल्कि
