Close Menu
Tv36Hindustan
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram Vimeo
    Tv36Hindustan
    Subscribe Login
    • समाचार
    • छत्तीसगढ
    • राष्ट्रीय
    • नवीनतम
    • सामान्य
    • अपराध
    • स्वास्थ्य
    • लेख
    • मध्य प्रदेश
    • ज्योतिष
    Tv36Hindustan
    Home » क्या-क्या परिवर्तन हुए अयोध्या में,जानिए 30 साल पहले कैसी थी अयोध्या नगरी…..
    News

    क्या-क्या परिवर्तन हुए अयोध्या में,जानिए 30 साल पहले कैसी थी अयोध्या नगरी…..

    By Tv 36 HindustanJanuary 16, 2024No Comments6 Mins Read
    WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn VKontakte Email Tumblr
    Share
    WhatsApp Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    पूरी दुनिया में अयोध्या की धूम है. रामलला की चर्चा है. आखिर हो भी क्यों नहीं? जो सपना करोड़ों हिंदुओं ने बरसों तक नंगी आंखों से देखा, वह पूरा होने जा रहा है. 22 जनवरी को रामलला भव्य राम मंदिर में विराजेंगे. उनकी प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के लिए घर-घर न्योता भेजा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस दिन अयोध्या पहुंच रहे हैं. प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य यजमान वही होंगे. इस मंदिर के निर्माण के साथ ही अयोध्या में बहुत कुछ बदल गया है. बदल रहा है. आगे भी बदलेगा क्योंकि बदलाव की यह बयार लंबे समय तक बहने वाली है.बीते कुछ सालों में हुआ बहुत बदलावजिस अयोध्या तक पहुंचने के साधन बेहद कम थे, वहां आज महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया.

    इस शहर ने बीते कुछ सालों में बहुत सारे बदलाव देखे हैं. जिले का नाम बदला तो अयोध्या और फैजाबाद नगर पालिकाओं को मिलाकर अयोध्या नगर निगम हो गया. सड़कें चौड़ी हो रही हैं, नव्य अयोध्या की आधारशिला रखी जा चुकी है. देश के लगभग हर बड़े राज्य के अतिथि गृह बनने वाले हैं. होटल्स की चेन आ रही हैं. कुछ तो आ भी गए हैं. हाल ही में पीएम मोदी ने अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया है, जो किसी अंतर्राष्ट्रीय रेलवे स्टेशन की तर्ज पर तैयार किया गया है. शहर उत्सव में डूबता जा रहा है.

    पूरी दुनिया के लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं. राज्य सरकार ने अयोध्या के सभी होटल-धर्मशालाओं की बुकिंग रद कर दी है. 22 जनवरी को वही यात्री या श्रद्धालु अयोध्या में रुक सकेंगे, जिनके पास राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण होगा.

    तीन दशक पहले कैसी थी राम नगरी अयोध्या?नई पीढ़ी के लिए यह जानना जरूरी है कि 30-32 साल पहले अयोध्या कैसी थी, जब मंदिर आंदोलन शुरू हुआ था. यह मामला बरसों से अदालतों में था. पर, साल 1986 से इस आंदोलन ने रफ्तार पकड़ना शुरू किया, जब विवादित परिसर का ताला अदालत के आदेश पर जिला प्रशासन ने खोल दिया. उस समय राम जन्मभूमि कोतवाली नहीं थी. थाना भी नहीं था. यहां सिर्फ एक पुलिस चौकी हुआ करती थी. जहां सिर्फ एक हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल की तैनाती होती थी. मंदिर जाने के रास्ते पर बाईं ओर एक कमरे में चौकी थी. यहां तैनात स्टाफ वर्दी तभी पहनता जब डीएम, एसपी या कोई बड़ा अफसर आता.

    कई बार महीनों तक इस ओर कोई नहीं आता था. पर, ताला खुलने के बाद यहां दर्शकों और श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी तब पुलिस चौकी भी गुलजार हुई.मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते के दोनों ओर छोटी-छोटी दुकान मालिकों की किस्मत खुल गई. हालांकि, उनकी इनकम कुछ साल ही बढ़ी. फिर साल 1992 में जब विवादित ढांचा गिरा दिया गया तब यह पूरा इलाका पुलिस की तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था में आ गया. केंद्र सरकार ने इस इलाके को अधिग्रहीत कर लिया. इलाके के मंदिरों में केवल पुजारी बचे. बाकी लोगों को इलाका खाली करना पड़ा. मंदिर के आसपास का पूरा क्षेत्र वीरान हो गया. अब यहां केवल बूटों की आवाज थी.

    ताला खुलने के बाद क्या था माहौल?विवादित ढांचा गिरने के बाद रामलला टेंट में पहुंच गए. कई बरस तक वे टेंट में ही रहे. कह सकते हैं कि आज भी हैं लेकिन साज-सज्जा बदल गई है. अदालत के आदेश पर एक अस्थाई व्यवस्था बनाई गई. पूजा-अर्चना होती रही. जब भी टेंट में कोई बदलाव करना होता या टेंट फट जाता तब अयोध्या कमिश्नर अदालत से गुहार करते और फिर टेंट में बदलाव या मरम्मत की अनुमति मिलती. साल 1986 में ताला खुलने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ी तो अयोध्या वासियों में एक अलग सा उत्साह था. मंदिरों की आय बढ़ने लगी. धर्मशालाओं में लोग आकर रुकने लगे. पर जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ते गए, छोटी सी अयोध्या की हर गली में पुलिस दिखने लगी.

    सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ यात्राविश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल ने साल 1990 में आंदोलन की घोषणा की. कारसेवा के लिए आवाज दी. भाजपा के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या तक रथ यात्रा निकाली और बिहार में लालू प्रसाद यादव की सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. देश भर में इसका विरोध शुरू हुआ.इस बीच आंदोलनकारियों ने कारसेवा के लिए राम भक्तों को अयोध्या पहुंचने की अपील की. देश भर से भीड़ अयोध्या की ओर चली. सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी होती गई और इस तरह एक समय ऐसा आया जब अयोध्या की अर्थ-व्यवस्था चौपट हो गई. कंठी-माला, प्रसाद, रामनामी की बिक्री बंद हो गई.

    अयोध्या में भवन निर्माण के काम ठप पड़ गए. छोटे व्यापारियों के सामने खाने-पीने के लाले पड़ गए. देश में जगह-जगह दंगे होने लगे. कह सकते हैं कि इन दंगों का असर अयोध्या पर भी तगड़ा पड़ा.मुस्लिम परिवार बनाते थे भगवान के कपड़ेएक और महत्वपूर्ण बदलाव इस दौरान आया. अयोध्या के मुसलमान और हिंदुओं में दूरी बनने लगी. कम लोगों को पता है कि कई मुस्लिम परिवार भगवान की ड्रेस बनाते थे, बनाते अब भी हैं लेकिन संख्या अब कम हो गई है. टेढ़ी बाजार-कजियाना जैसे मुस्लिम आबादी के मोहल्ले पुलिस की संगीनों में आ गए. बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे हाशिम अंसारी तक के घरों पर सुरक्षा कारणों से पुलिस तैनात हो गई. ये वही हाशिम अंसारी थे जो हिन्दू पक्ष के एक और मुद्दई महंत राम चंद्र दास परमहंस के साथ एक ही तांगे पर बैठकर कचहरी मुकदमे की सुनवाई को जाया करते.

    मुकदमा लड़ने के बावजूद हाशिम अंसारी को मंदिरों में अक्सर देखा जाता था. वे महंत राम चंद्र दास परमहंस के बेहद करीबी दोस्त भी थे.मंदिरों की हालत सुधरीनागेश्वर नाथ, हनुमान गढ़ी में विराजमान भगवान राम के अनन्य भक्त हनुमान जी, कनक भवन, वाल्मीकि रामायण भवन जैसे कुछ मंदिरों को छोड़ दें तो बाकी की हालत काफी दिनों तक आर्थिक रूप से बेहद पतली थी. जो बाद में धीरे-धीरे अब सुधरी है. हाल के सालों में जब अयोध्या ने विकास की राह पकड़ी है तो बहुत कुछ बदला है. हालांकि, कुछ दुश्वारियां भी सामने आई हैं. सड़क चौड़ीकरण के नाम पर सैकड़ों की संख्या में मकान-दुकान ढहा दिए गए हैं. ऐसे में वे लोग मुश्किल में आ गए जिनकी अवैध दुकानें सड़क किनारे थीं, वे लोग खुश हो गए जिनकी जमीनें खाली हो गईं. अवैध कब्जे खुद से ही सरकार ने हटवा दिए.

    साल 1986 के बाद अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद के बड़े नेता रहे अशोक सिंघल, बाद के दिनों में फैजाबाद से कई बार सांसद चुने गए बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार, उमा भारती, महंत अवैद्यनाथ, महंत नृत्य गोपाल दास जैसे कद्दावर हिन्दू नेता अयोध्या की सड़कों पर खुलेआम घूमते मिल जाते थे. आंदोलन की रफ्तार धीमी हुई तो कारसेवक पुरम बसा, जो आज भी मंदिर आंदोलन से लेकर मंदिर निर्माण का केंद्र बना हुआ है. मंदिर निर्माण ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय आज भी एक कमरे में रहते हुए पूरी व्यवस्था पर नजर रखते हैं.अयोध्या ने ली नई करवटकम लोगों को पता है कि बेहद छोटी सी नगरी अयोध्या के लगभग हर मोहल्ले में मस्जिद, कब्रिस्तान आज भी मौजूद हैं.

    साल 1990 के पहले यहां हिन्दू-मुस्लिम में भाईचारा था. पर, धीरे-धीरे दरार बढ़ी. सर्वोच्च अदालत का अंतिम फैसला आने के पहले तक 6 दिसंबर को हिन्दू संगठन शौर्य दिवस और मुस्लिम संगठन काला दिवस मनाते थे.

    Post Views: 0

    Hindi khabar Hindi news hindinews india Today latest news Today news What changes took place in Ayodhya
    Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Email Tumblr
    Previous Articleसर्दियों के मौसम में इन चीजों को खाना हो सकता है नुकसानदायक…..
    Next Article यह तीन आदतें लोगों को बनने नहीं देती है धनवान…..
    Tv 36 Hindustan
    • Website

    Related Posts

    कोविड से मौत पर बीमा कंपनी को बड़ा झटका, उपभोक्ता आयोग ने दिया 12% ब्याज के साथ इतने करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश…

    January 21, 2026

    राजधानी में सजेगा 22 अरब देशों का दरबार, पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत बनेगा ग्लोबल डिप्लोमैटिक हब…

    January 21, 2026

    शहीद कपूर का गैंगस्टर अवतार, शाहिद और तृप्ति के बीच रोमांस या बदला जाने यहां से…

    January 21, 2026

    इस गणतंत्र दिवस समारोह प्रदेश के सभी जिलों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी…

    January 21, 2026

    Comments are closed.

    Ads
               
               
    × Popup Image
    -ADS-
    ADS
    Ads
    ADS
    -Ads-
    Ads
    Ads
    About
    About

    tv36hindustan is a News and Blogging Platform. Here we will provide you with only interesting content, and Valuable Information which you will like very much.

    Editor and chief:- RK Dubey
    Marketing head :- Anjali Dwivedi
    Address :
    New Gayatri Nagar,
    Steel Colony Khamardih Shankar Nagar Raipur (CG).

    Email: tv36hindustan01@gmail.com

    Mo No. +91 91791 32503

    Recent Posts
    • कोविड से मौत पर बीमा कंपनी को बड़ा झटका, उपभोक्ता आयोग ने दिया 12% ब्याज के साथ इतने करोड़ रुपये भुगतान करने का आदेश…
    • राजधानी में सजेगा 22 अरब देशों का दरबार, पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत बनेगा ग्लोबल डिप्लोमैटिक हब…
    • शहीद कपूर का गैंगस्टर अवतार, शाहिद और तृप्ति के बीच रोमांस या बदला जाने यहां से…
    • इस गणतंत्र दिवस समारोह प्रदेश के सभी जिलों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी…
    • पूरी जगन्नाथ मंदिर के अंदर मिले खून के धब्बे दर्शन रोके गए, हुआ महास्नान…
    Pages
    • About Us
    • Contact us
    • Disclaimer
    • Home
    • Privacy Policy
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest
    © 2026 tv36hindustan. Designed by tv36hindustan.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Sign In or Register

    Welcome Back!

    Login to your account below.

    Lost password?