मध्यप्रदेश:– ट्रिगर फिंगर, जिसे मेडिकल भाषा में स्टेनोसिंग टेनोसाइनोवाइटिस भी कहा जाता है, उंगलियों की आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है. अगर आपको पहले से उंगलियों में अकड़न, दर्द या क्लिकिंग की समस्या हो रही है, तो शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें. समय रहते इलाज करवाने से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है. आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे.
ट्रिगर फिंगर क्या है?
ट्रिगर फिंगर तब होता है जब उंगली को हिलाने वाले टेंडन और उन्हें घेरे रहने वाली शीथ में सूजन या रुकावट आ जाती है. इससे टेंडन का मूवमेंट रुक-रुक कर होता है या फंस जाता है.
जब आप उंगली मोड़ते हैं, तो वह लॉक हो जाती है और फिर झटके से खुलती है – जैसे ट्रिगर दबाने पर झटका लगता है, इसलिए इसे कहा जाता है.
लक्षण
1- उंगली या अंगूठे को मोड़ने-सीधे करने में दर्द या कठिनाई
2- उंगली का अटकना या झटका देकर खुलना
3- सुबह के समय अधिक अकड़न
4- उंगली के बेस जोड़ के पास में गांठ या सूजन
5- “क्लिक” या “पॉप” की आवाज़ महसूस होना
कारण
1- ज्यादा देर तक या बार-बार ग्रिप करना
2- लगातार हाथों का इस्तेमाल, जैसे टाइपिंग, ड्राइविंग, सिलाई, मशीनी काम आदि
3- कुछ बीमारियाँ जैसे – डायबिटीज, थायरॉइड, गठिया
4- 40-60 वर्ष की उम्र वालों में ज्यादा आम
5- महिलाओं में पुरुषों की तुलना में ज्यादा।
बचाव और उपचार
होम केयर
1- हाथों को आराम दें, भारी काम से बचें
2- गर्म पानी में डुबाना
3- हल्की मसाज और स्ट्रेचिंग
4- ओवर-द-काउंटर दर्दनाशक जैसे
मेडिकल ट्रीटमेंट
1- स्प्लिंटिंग – उंगली को कुछ समय के लिए एक पोज़िशन में स्थिर रखना
2- स्टेरॉइड इंजेक्शन – सूजन को कम करता है
3- फिजियोथेरेपी – टेंडन को मूव करने में मदद करता है
4- सर्जरी यदि ज़रूरत हो– टेंडन को फ्री करने के लिए छोटी सी प्रक्रिया
कैसे बचा जाए?
1- हाथों और उंगलियों को स्ट्रेच करते रहें
2- काम के दौरान ब्रेक लें
3- हाथों पर ज्यादा दबाव डालने से बचें
4- यदि पहले से कोई बीमारी है (जैसे डायबिटीज), तो उसे कंट्रोल में रखें.
