गौरेला पेंड्रा मरवाही:- नगरीय निकाय चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज कई कांग्रेस नेताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा और चुनाव लड़ा. निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले कई नेता पार्षद का चुनाव जीत भी गए. चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस पार्टी ने उनका निलंबन रद्द कर दिया. रविवार को नवनिर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह था. समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री जय सिंह अग्रवाल भी पहुंचे थे. अग्रवाल के सामने ही पार्टी में एक बार फिर गुटबाजी खुलकर सामने आ गई. कांग्रेस के 7 पार्षद होने के बाद भी शपथ ग्रहण सिर्फ एक पार्षद ने लिया. बाकी पार्षदों ने शपथ ग्रहण से दूरी बनाए रखी.
शपथ ग्रहण में सिर्फ 1 पार्षद पहुंचा: दरअसल, नगरीय निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी में टिकट बंटवारे से नाराज होकर पेंड्रा के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश जालान पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे. जिसके बाद पार्टी से बगावत करने के मामले में कांग्रेस पार्टी के द्वारा राकेश जालान सहित 14 कांग्रेसियो का पार्टी संगठन की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया. बाद संगठन के द्वारा सभी 14 कांग्रेसियो का निलबंन रद्द कर उन्हें वापस कांग्रेस में ले लिया गया.
6 नवनिर्वाचित पार्षद रहे गायब: आज जब काग्रेस पार्टी में वापसी के बाद राकेश जालान के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में पूर्व केबिनेट मंत्री जय सिंह अग्रवाल पेंड्रा पहुंचे तब यहां पर भी कांग्रेस की गुटबाजी देखने को मिली. अध्यक्ष राकेश जालान ने शपथ ग्रहण किया उनके साथ कांग्रेस से बगावत किये चंदा तिवारी जो निर्दलीय पार्षद का चुनाव लड़कर जीतीं हैं उन्होंने भी शपथ ग्रहण किया, पर कांग्रेस पार्टी के 6 नवनिर्वाचित पार्षद कार्यक्रम से दूरी बनाए रहे. हालांकि पूर्व केबिनेट मंत्री ने मंच से कांग्रेसियों को एकजुट होकर काम करने की सलाह देते नजर आए.
