नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था को लेकर सोमवार (7 नवंबर) को फैसला सुनाएगा. शीर्ष अदालत फैसला सुबह साढ़े 10 बजे तक सुना सकती है. सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षा में उनको मिला 10 प्रतिशत का आरक्षण बरकरार रहेगा या नहीं इस पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी.
अदालत ने EWS कोटे की वैधयता को चुनौती देने वाली 30 से ज्यादा याचिकाओं पर सुनवाई के बाद 27 सिंतबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. चीफ जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पांच संदस्यीय संविधान पीठ इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी.
मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ सुनाएगी फैसलाकेंद्र सरकार ने संविधान संशोधन करते हुए की है कोटे की व्यवस्थाइसके साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि आर्थिक आधार पर आरक्षण भेदभाव करता है क्योंकि ये सिर्फ अगड़ी जातियों के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए है और इसमें पिछड़ी जातियों के गरीबों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है.
इंदिरा साहनी फैसले में सुप्रीम कोर्ट खुद कह चुका है कि आरक्षण कोई गरीबी हटाओ योजना नहीं है. आरक्षण का उद्देश्य आर्थिक सहायता पहुंचाना नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता दूर करना है.