नई दिल्ली:- चाहे नाना-नानी हों या फिर दादा-दादी, 90 या 2000 के दशक में पैदा हुए बच्चों से जब भी आप उनकी बचपन की याद के बारे में पूछेंगे तो वह हमेशा ‘कहानियों’ का जिक्र जरूर करेंगे. कहानियों की ताकत आप इस बात से भी समझ सकते हैं कि आपकी फेवरेट फिल्म की कहानी आपको सालों तक याद रहती है. दरअसल आज के दौर में भी कहानियां सबसे पावरफुल टूल हैं. कहानियां हमारे मस्तिष्क तक इस अंदाज में पहुंचती हैं कि न केवल हम उसके संदेश को समझते हैं, बल्कि उस भावना से भी जुड़ पाते हैं. लेकिन बात जब पेरैंटिंग की आती है, तो अक्सर इस बेहद ताकतवर टूल को हम भूल जाते हैं. खासकर आज के दौर में जब बच्चे पूरी तरह से मोबाइल, टीवी जैसे इलेक्ट्रोनिक गेजेट्स से घिरे हुए हैं, ऐसे में कहानियों की जरूरत और भी बढ़ जाती है. आपकी एक बेड टाइम स्टोरी आपके बच्चे के साथ आपकी खूबसूरत यादें भी तैयार करती है.
कहानियां न केवल बच्चे को इंगेज करती हैं, बल्कि ये उनके भीतर कल्पनाशीलता, रचनात्मकता जैसे कई भावों का विकास भी करती हैं. रिसर्च की मानें तो जिन बच्चें को बचपन में कहानियां सुनाई जाती हैं, वह न केवल लोगों से बात करने में और कम्यूनिकेट करने में बेहतर होते हैं, बल्कि उनके भीतर क्रेएटिविटी भी देखने को मिलती है. कहानियां सुनाने से बच्चों के सोचने की क्षमता का बहुत विकास होता है. इतना ही नहीं बच्चों को सुनाई गई कहानियां, उनके संदेश आगे भविष्य में उनके व्यवहार के लिए रेफरेंस बनते हैं. आइए बताते हैं बच्चों को कहानियां क्यों सुनानी चाहिए.
बच्चों को कहानियां सुनाने के फायदे
- जब आप अपने बच्चे को कहानी सुनाने की आदत डालते हैं, तो आपके और उनके बीच एक कनेक्शन बनता है. ऑफिस या अपने काम में बिजी रहने वाले माता-पिता को ये समय अपने बच्चों को जरूर देना चाहिए.
- कई कहानियां हम सालों से सुना रहे हैं. लेकिन कई बार बच्चों के नजरिए इन कहानियों के प्रति बहुत अलग होते हैं. ऐसे में आप अपने बच्चे से मीनिंफुल डिस्कशन कर सकते हैं, उनके नजरिए को समझ सकते हैं.
- कहानियों से हम बच्चों में भाषा और शब्दों की समझ को बढ़ा सकते हैं.
- कहानियां बच्चों की याद्दाश्त भी बढ़ाती हैं. अक्सर बच्चों को कुछ कहानियां पसंद आती हैं, जिसे वह बार-बार सुनना पसंद करते हैं. इससे बच्चों की स्मृति का भी विकास होता है.
- कहानियों के जरिए आप नैतिक गुणों को हंसते हुए बच्चों को सिखा सकते हैं. इसके साथ ही पॉजिटिव थिंकिंग और जीवन के कई जरूरी पाठ आप बच्चों को सिखा सकते हैं. कहानियों के जरिए आप बच्चों को डिसिप्लेन भी सिखा सकते हैं.
- सबसे अहम बात, हर रात अपने बच्चे को एक कहानी सुनाना, उसके साथ ये समय बिताकर आप उसे बचपन की एक खूबसूरत याद दे सकते हैं. अक्सर बिजी माता-पिता बच्चों को उतना समय नहीं दे पाते. लेकिन बच्चे के साथ बिताया गया ये Me-Time आपको उनके करीब ले जा सकता है.
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