रायपुर : दिवाली की धूम पूरे देश में है इस बार दिवाली 12 नवंबर को थी ,जिसके पास लोग गोवर्धन पूजा के लिए संशय में है की गोवर्धन पूजा कब है? इस खबर में आपको सारी जानकारी मिल जाएगी तो इस खबर को ध्यान से जरूर पढ़े।
गोवर्धन पूजा क्यों मनाई जाती है?
गोवर्धन पूजा के तिथि के बारे में जानने से पहले गोवर्धन पूजा क्यों मनाई जाती है ये जान लीजिए!.. भागवत कथा में श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन हमें देखने को मिलता है । इन्ही लीलाओं में से एक लीला है गोवर्धन लीला।
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव का घमंड तोड़ा था और गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों की जान बचाई थी । लोगों को प्रकृति की सेवा और पूजा करने का संदेश दिया था। ये दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा का दिन था। तभी से इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है और भगवान को सभी तरह की मौसमी सब्जियों से तैयार अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।
पांच दिवसीय दिवाली पर्व के चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। यह पर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। इस दिन घरों में गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा बनाई जाती है। इसके बाद शाम के समय गोवर्धन पर्वत और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा होती है और उन्हें अन्नकूट और कढ़ी चावल का भोग लगाया जाता है। इस साल दिवाली 12 नवंबर की है, लेकिन गोवर्धन पूजा की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। आइए आपको बताते हैं कि किस दिन गोवर्धन पूजा की जाएगी और पूजा का शुभ समय क्या है।
