नई दिल्ली:– आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति शास्त्र में जीवन के कई पहलुओं की चर्चा की है। साथ ही उन्होंने ऐसी कई सलाह भी दी है, जिन्हें जीवन में उतारकर व्यक्ति बड़ी-से-बड़ी समस्या से निपट सकता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर आपको जीवन में धोखे से बचा रहना है, तो इसके लिए आपको आचार्य चाणक्य की किन बातों पर अमल करना चाहिए।
कभी नहीं खाएंगे धोखा
अधिकतर व्यक्ति को प्यार या फिर दोस्ती में धोखा मिलता है, जिसका मुख्य कारण यह होता है कि व्यक्ति अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाता। चाहे रिश्ता कितना भी करीबी क्यों न हो, व्यक्ति को अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखना सीखना चाहिए। आप ऐसा नहीं करेंगे, तो सामने वाला व्यक्ति आपके ऊपर हावी हो जाएगा। इसी के साथ कोई भी रिश्ता जोड़ने से पहले सामने वाले व्यक्ति की नीयत, सच्चाई और ईमानदारी को जरूर परख लेना चाहिए। इस बातों का ध्यान रखकर आप प्यार और दोस्ती के रिश्ते में कभी धोखा नहीं खाएंगे।
चाणक्य जी का कहना है कि किसी भी रिश्ते में धोखे से बचने के लिए सतर्कता बरतना भी जरूरी है। इसलिए व्यक्ति को कोई भी फैसला लेने से पहले जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। जरूरत से ज्यादा भी किसी पर भरोसा करना आपको नुकसान में डाल सकता है। इसी के साथ किसी की बातो में रिश्तों के जरूरी फैसले न लें, यह भी धोखे का कारण बन सकते हैं।
चाणक्य जी का कहना है कि किसी भी रिश्ते में धोखे से बचने के लिए सतर्कता बरतना भी जरूरी है। इसलिए व्यक्ति को कोई भी फैसला लेने से पहले जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। जरूरत से ज्यादा भी किसी पर भरोसा करना आपको नुकसान में डाल सकता है। इसी के साथ किसी की बातो में रिश्तों के जरूरी फैसले न लें, यह भी धोखे का कारण बन सकते हैं।
कई रिश्तों में हम सिर्फ दिल से फैसले लेते हैं। इस विषय में आचार्य चाणक्य का कहना है कि किसी भी रिश्ते में दिल के साथ-साथ दिमाग का भी इस्तेमाल करना चाहिए। कभी-कभी धोखा मिलने से पहले व्यक्ति को कुछ संकेत मिलने लगते हैं, लेकिन वह दिल की मानकर उन्हें नजरअंदाज कर देता है। इसलिए ऐसे मामलों में आपको अपने दिमाग का भी इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।
