नई दिल्ली:– भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेताओं को असम और पश्चिम बंगाल में अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पार्टी हाईकमान ने संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति को धार देने के लिए प्रदेश के अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है।
असम में डिप्टी सीएम, सांसद और वित्त मंत्री को सौंपी गई कमान
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव को असम की 9 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। वे हाल ही में तीन दिवसीय असम दौरे से लौटे हैं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने लखीमपुर क्षेत्र के भीमपारा में विशाल जनसभा को संबोधित किया और जिला संगठन की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विधायक मानव डेका के साथ भीमपारा विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क किया।
विजय बघेल और ओपी चौधरी भी निभाएंगे अहम भूमिका
दुर्ग से सांसद विजय बघेल को डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र की 10 विधानसभाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे एक बार असम का दौरा कर लौट चुके हैं और 16 फरवरी से दोबारा अपने प्रभार वाले क्षेत्रों का दौरा शुरू करेंगे।
वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को भी असम में 10 विधानसभा क्षेत्रों का दायित्व सौंपा गया है। असम प्रवास के चलते उन्हें 12 फरवरी को भाजपा सहयोग केंद्र में प्रस्तावित जनसमस्या सुनवाई कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा।
बंगाल में संगठन महामंत्री पवन साय पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय को 56 विधानसभा क्षेत्रों की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वे बीते वर्ष दिसंबर से लगातार बंगाल में सक्रिय हैं और फिलहाल वहीं डटे हुए हैं। उन्होंने अपने सभी प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक बैठकें कर जमीनी स्थिति का आकलन किया है और उसी आधार पर चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है।
प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन के नेतृत्व में बढ़ा भरोसा
भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद छत्तीसगढ़ के नेताओं पर पार्टी का भरोसा और मजबूत हुआ है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में प्रदेश के अन्य नेताओं को भी दूसरे राज्यों में बड़ी चुनावी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं।
