भुवनेश्वर:- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को सरकारी नौकरी के इच्छुक दो उम्मीदवारों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की, जिनकी फिजिकल टेस्ट के दौरान मौत हो गई थी. यह सहायता राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी की जाएगी.
अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित शारीरिक परीक्षा में भाग लेने के दौरान नौकरी के इच्छुक दो उम्मीदवारों की मौत हो गई थी. शारीरिक परीक्षा वन रक्षक (forest guards), वनपाल (foresters) और पशुधन निरीक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित की जा रही थी.
उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान क्योंझर जिले के ब्योमकेश नायक और सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला के प्रबीण कुमार पांडा के रूप में हुई है. प्रबीण वन रक्षक और वनपाल के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा दे रहे थे. भवानीपुर से बरगड़ा तक 25 किलोमीटर की दौड़ के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई.
वन रक्षक और वनपाल के लिए टेस्ट दे रहे थे प्रबीण
राउरकेला सेक्टर 22 क्षेत्र के प्रबीण कुमार पांडा ने वन रक्षक और वनपाल के पद के लिए आवेदन किया था. उन्होंने भवानीपुर से बरगड़ा तक 25 किलोमीटर की दौड़ में भाग लिया था. भवानीपुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से जब दौड़ शुरू हुई तो वह वहां से 4 किलोमीटर दौड़ चुके थे. तसर फील्ड के पास अचानक उनका पैर फिसला और वह बेहोश हो गए. उन्हें तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
प्रबीण फिजिकल टेस्ट के लिए फिट था
वहीं, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि जब प्रबीण का मेडिकल परीक्षण किया गया तो सब कुछ ठीक था और वह स्वस्थ था, इसलिए उसे दौड़ने की अनुमति दी.
क्योंझर के ब्योमकेश नायक ने इंजीनियरिंग के बाद क्योंझर के उपजिलाधिकारी के कार्यालय में सफाईकर्मी के रूप में काम किया. वह एक मेधावी छात्र थे. उन्होंने पंचायत पीआईएओ की परीक्षा भी पास की, लेकिन उन्होंने नौकरी ज्वाइन नहीं की. इसी बीच, मंगलवार को फॉरेस्टर की परीक्षा के लिए दौड़ते समय वह थक गए. बाद में उनकी मौत हो गई. ब्योमकेश की एक साल की बेटी है. कुछ साल पहले एक दुर्घटना में ब्योमकेश के माता-पिता की मौत हो गई थी.