नई दिल्ली। उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर अब श्री सम्मेद शिखर तीर्थ स्थल रहेगा… इसमें कोई बदलाव नहीं होगा. उन्होंने बताया कि तीर्थ क्षेत्र में कोई निर्माण कार्य नहीं होगा और स्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए होटल, ट्रेकिंग और मांसाहार पर प्रतिबंध रहेगा.मंत्री ओपी सकलेचा ने कहा कि सम्मेद शिखर जैन समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक पवित्र स्थान है. ,
‘यह तय हुआ है कि एक बोर्ड बनाया जाएगा, जिसमें दो लोग जैन समाज, स्थानीय प्रतिनिधि और सरकार के प्रतिनिधि होंगे. जो भी निर्णय लेना होगा, बोर्ड करेगा. उन्होंने कहा कि यह स्थान तीर्थस्थल बना रहेगा, पर्यटन स्थल का दर्जा वापस ले लिया गया है.उन्होंने स्वीकार किया कि जैन समुदाय के दबाव के कारण ही केंद्र सरकार ने अपने अधिकारों का प्रयोग किया. उन्होंने कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के दिमाग में साफ है कि किसी भी जगह की पवित्रता से खिलवाड़ नहीं होगा.
यह भी सोचना होगा कि 2023 में 2019 के नोटिफिकेशन की बात क्यों हो रही है. झारखंड में स्थित जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल ‘श्री सम्मेद शिखर’ को अतिक्रमण मुक्त करने और इसे शाकाहारी क्षेत्र घोषित करने की मांग को लेकर देश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन में स्थित पारसनाथ पर्वत शिखर जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों का निवास स्थान है.