कोरबा/जिला बाल कल्याण समिति शिक्षा विभाग का संयुक्त प्रयास बना अनूठी पहल बेघर बेसहारा बच्चो को मिला बाल संरक्षण का लाभ। ज्ञात हो विगत दिवस शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार तीन बेघर बच्चे रजगामार क्षेत्र के दुमरडीह से प्राप्त हुए जिसकी सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा जी.पी.भारद्वाज के निर्देशान परिपालन में जावेद अख्तर समावेशी शिक्षा प्रभारी द्वारा साक्षात्कार में उक्त स्थान पहुचकर निरीक्षण कर जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय स्थापित किया गया तत्पश्चात तुरंत उन बच्चो को जिला बाल कल्याण समिति जिला कार्यालय में लेकर आया गया।
प्राप्त सूचना के आधार पर शिक्षा विभाग,जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा,वर्ल्ड विज़न संस्था,खुला आश्रय गृह संस्था द्वारा तत्काल तीनो बच्चो को देखरेख एवं संरक्षण प्रदान किये जाने हेतु क्षेत्र से रेस्क्यू कर बालक कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया बालक कल्याण समिति द्वारा बच्चो के देखरेख एवं संरक्षण सर्वोत्तम हित को ध्यान रखते हुए दो बालक को खुला आश्रय गृह बालक तथा एक बालिका को बाल गृह बालिका में संरक्षण प्रदाय किया गया जहाँ उपरोक्त बच्चो का संरक्षण प्रदान करते हुए उनके शिक्षा व अन्य सारी व्यवस्था उपलब्ध कराया जाएगा।
जिला विधिक सलाहकार रमाकान्त दुबे ने बताया उपरोक्त बच्चो को देखरेख एवं संरक्षण प्रदान कराये जाने हेतु मुख्य रूप से जिला शिक्षा अधिकारी जी पी भारद्वाज,बालक कल्याण समिति अध्यक्ष,सदस्य बिता चक्रवर्ती,चंद्रबाला शुक्ला,गोकुलदास पवन शर्मा किशोर न्याय बोर्ड सदस्य रविशंकर खुटे,जिला बाल संरक्षण अधिकारी दया दास महंत,वर्ल्ड विज़न समन्वयक अनिल देवांगन,जिला शिक्षा विभाग परियोजना समन्वयक जावेद अख्तर,खुला आश्रय परियोजना समन्वयक परामर्शदाता बृज कुमार धीरे,सहित जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।