तरनाक बीमारी हजारों बच्चों के लिए बनी ‘संजीवनी’, कैसे हो पाया ये संभव?दुनिया में ऐसे कई लोग है जो इरादों से कई बार ऐसे नेक काम कर जाते हैं की सारी दुनिया हैरान रह जाएं. ऐसा ही एक मामला इन दिनों अमेरिका से सामने आया है. जहां एक महिला ने ब्रेस्ट मिल्क डोनेट करके विश्व रिकॉर्ड बना लिया है.महिला की खतरनाक बीमारी हजारों बच्चों के लिए बनी ‘संजीवनी’, कैसे हो पाया ये संभव?महिला ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्डI
न्यू बॉर्न बेबी के लिए मां का दूध किसी अमृत से कम नहीं है. नवजात बच्चों की के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए मां का दूध सर्वोत्तम माना जाता है. ये दूध बच्चों को हर तरह की बीमारियों से बचाने के लिए इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है. इसके अलावा ये जरूरी पोषण को पूरा करता है, लेकिन बदलते समय के साथ ये अमृत बच्चों के मुंह से छिनता जा रहा है.ऐसे में कई मां ऐसी होती है जो जो दूसरे बच्चों के लिए ब्रेस्ट मिल्क दान. .
अमेरिका में रहने वाली एलिजाबेथ एंडरसन की, जो पिछले कई सालों से इस नेक काम को करती आ रही है. गौरतलब है कि एंडरसन खुद 2 बच्चों की मां हैं, लेकिन बावजूद इसके उसने वह हजारों बच्चों का पालन-पोषण करती है. उनके ब्रेस्ट मिल्क से कई प्रिमेच्योर बेबी की जान बचाई गई है. गिनीज बुक की माने तो 20 फरवरी 2015 से 20 जून 2018 तक उन्होंने 1600 लीटर ब्रेस्ट मिल्क एक मिल्क बैंक को दान किए है और आज भी वो ये नेक काम करती आ रही है
.मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि गिनिज बुक के पास तो केवल वो रिकॉर्ड है, जो मैने 2015 और 2018 के बीच मैंने एक दूध बैंक को दान किया. मैं फिलहाल 9 वर्षों में 10350 लीटर ब्रेस्ट मिल्क दान कर चुकी हूं और मैं सिर्फ उन्हीं लोगों को ये दान देती हूं., जिनको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है. इसके बाद जब उनले सवाल किया गया कि आखिर उनके पास ये आइडिया कहां से आया तो उन्होंने कहा कि वह ज्यादातर दूध फेंक दिया करती थीं.
इसके बाद मुझे लगा कि मैं जिसे इस तरीके से फेंक रही हूं वो किसी की जिंदगी को बचा सकता है. एंडरसन ने आगे कहा कि जब मेरी दूसरी बेटी हुई तो एक हफ्ते बाद ही मैंने अपना दूध दान करना शुरू कर चुकी है. मैं रोजाना 6 लीटर दूध निकालकर उसे बोतल में पैक करती हैं और मिल्क बैंक को दान में देती थी
