भोपाल: आगर मालवा से कांग्रेस विधायक विपिन वानखेड़े और युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी समेत छह लोगों को एक-एक वर्ष की सजा सुनाई गई है। साथ ही दो-दो हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया है। यह सजा शुक्रवार को भोपाल स्थित एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश जयंत शर्मा ने सुनाई है हालांकि सभी को जमानत पर रिहा भी कर दिया है। मामला शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़ा है।
बता दें कि वर्ष 2011 का है जब छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा का घेराव किया था। जहांगीराबाद पुलिस ने अलग-अलग धाराओं में विपिन वानखेड़े, विवेक त्रिपाठी, विकास नंदवाना, महक नागर, संजय वर्मा और गौरव उईके के खिलाफ शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने व शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया था।
न्यायालय ने उक्त मामले को सही पाते हुए सजा सुनाई है। उल्लेखनीय है कि उस समय वानखेड़े और विवेक त्रिपाठी एनएसयूआई कार्यकर्ता थे जिनके नेतृत्व में सैंकड़ों छात्रों ने विधानसभा कूच किया था। पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, जिसे नुकसान पहुंचा था।
