उत्तराखंड:- उत्तरकाशी के टनल में फंसे 41 मज़दूरों को अभी तक निकाला नहीं जा सका है. टनल के अंदर ड्रिलिंग के लिए जो ऑगर मशीन लगाई है, वो टूट गई हैं. इससे ड्रिलिंग के काम में बाधा आ रही है.
इस बीच, डीआरडीओ से मदद मांगी गई है. भारतीय वायुसेना ने शनिवार को डीआरडीओ के उपकरण देहरादून तक पहुंचाए.
सुरंग में ऑगर मशीन की मदद से खुदाई चल रही थी जो वहां फंस गई और उसे पूरी तरह बाहर निकालने के लिए हैदराबाद से मशीन मंगाई गई है.
शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार की दोपहर सिलक्यारा सुंरग के बाहर पहुंच कर स्थिति का जायज़ा लिया और मीडिया को बताया कि हैदराबाद से मशीन आने के बाद एक बार फिर कल सुबह यानी रविवार की सुबह काम शुरू होगा.
इस दौरान उन्होंने सुरंग के अंदर फंसे मज़दूरों से बात की और इसकी जानकारी भी दी कि उन्हें बाहर निकालने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.
सुरंग में फंसे मज़दूरों तक पाइप के ज़रिए टेलीफ़ोन पहुंचाया जा रहा है जिससे वो सभी अपने परिजनों से बात कर सकें.
बीएसएनएल के डीजीएम राकेश चौधरी ने बताया, इस टेलीफ़ोन में कॉल आने और जाने दोनों की सुविधा मौजूद होगी ताकि सुरंग में फंसे मज़दूर अपने परिवार वालों से बात कर सकें. साथ ही इस टेलीफ़ोन के ज़रिए प्रशासन भी मज़दूरों से बात कर सकेगा.
