नई दिल्ली:– आईएमडी ने बताया कि राजस्थान के ऊपर चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से अगले 2 दिन बाद गुजरात, महाराष्ट्र और एमपी में बारिश हो सकती हैं। वहीं पहाड़ों पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव रहने और उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में आंधी-बारिश के साथ बर्फबारी और ओलावृष्टि होने का खतरा है। हालांकि, उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में लू-गर्मी के बीच हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। उधर, पूर्वोत्तर के 7 राज्यों में अगले 3 दिन आंधी-तूफान, बारिश और वज्रपात का अलर्ट है। आइये जानतें है कल का मौसम कैसा रहेगा
भारत में सप्ताह के अंत तक लू स्थिति और गंभीर हो सकती है। आईएमडी ने बताया कि 17 से 19 अप्रैल के बीच दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और हरियाणा, पंजाब के कुछ हिस्सों पर आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही रहेगी है। इस दौरान तेज हवाओं के झोंके साथ हल्की बारिश के आसार हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत अधिकांश राज्यों में गर्मी और लू का खतरा बनता दिख रहा है। मौसम विभाग ने अगले 72 घंटे के दौरान पहाड़ों पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से उत्तराखंड में आंशिक, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय भागों पर आंधी-बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। स्काईमेट ने 16 से 19 अप्रैल तक पूर्वोत्तर भारत के सात राज्यों 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और झमाझम बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। वहीं दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में हीटवेव का अलर्ट घोषित है, लेकिन केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय भागों पर बादलों के बरसने के संकेत हैं।
राजस्थान में मौसम कैसा है
राजस्थान में पिछले कई दिनों से बढ़ते तापमान ने हाल-बेहाल कर रखा है। पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस के आसपास बढ़ोतरी हुई है। आईएमडी के मुताबिक, बाड़मेर में सबसे अधिक 42.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान पहुंच गया है। अब हीटवेव का अलर्ट जारी होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, 17 अप्रैल से राज्य के एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग समेत आसपास कुछ क्षेत्रों पर मेघ गर्जन के साथ आंधी और हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि, अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और गर्मी का असर तेज होगा। उधर, पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों पर अगले 3 दिन के दौरान मौसमी गतिविधियां होने का अनुमान है
माना जा रहा है कि आंधी के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश से मौसम बदल सकता है। हालांकि, राज्य में लू के आसार बनते दिख रहे हैं।
यूपी में कल मौसम कैसा रहेगा
उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ता तापमान सिरदर्द बनता जा रहा है। राज्य कई जिलों में अधिकतम तापमान लू (हीटवेव) की ओर शिफ्ट हो रहा है। हालांकि, बुंदेलखंड में जल्द ही लू की चेतावनी जारी हो सकती है क्योंकि बांदा में अधिकमत तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। आईएमडी के मुताबिक, दिन में तेज गर्म पछुआ हवाओं ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लिहाजा, लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। फिलहाल, बारिश को लेकर कोई संभावना नहीं है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम कैसा रहेगा
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते तापमान से लोगों को परेशानी महसूस होने लगी है। गर्मी और उमस से बेचैनी बढ़ रही है। मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले दिन के मुकाबले 3.4 डिग्री सेल्सियस तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई और न्यूमतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहना। अनुमान है कि वीकेंड तक हालात और खराब हो सकते हैं। आईएमडी ने अगले 2 दिन के दौरान आंशिक रूप से बादलों की आवाजाही रहने का अनुमान है और कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बूंदाबांदी या बारिश हो सकती है, जिससे गर्मी से त्वरित राहत मिल सकती है। हालांकि, हवा की क्वालिटी में बेहद सुधार नहीं है और एक्यूआई 230 के आसपास रिकॉर्ड किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
उत्तराखंड में गर्मी होगी क्या
आईएमडी का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ का आंशिक असर ही उत्तराखंड के मौसम को प्रभावित कर सकता है, लेकिन अधिकांश भागों पर मौसम शुष्क रहेगा। अगले 2 दिन तक कुछ हिस्सों पर बादलों की आवाजाही हो सकती है, लेकिन हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, रुड़की, श्रीनगर, कोटद्वार और विकासनगर के निचले क्षेत्रों पर गर्मी बेहाल कर सकती है। हालांकि, ऊंचाई वाले हिस्सों पर बारिश से मौसम सुहाहना हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश कैसा रहेगा मौसम का हाल
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिसके असर मौसम करवट लेने वाला है। आईएमडी ने शुक्रवार से रविवार तक राज्य के हिमालयी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश -बर्फबारी और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। खासकर, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, चंबा समेत कुछ आसपास के स्थानों पर अंधड़ और ओलावृष्टि का खतरा जताया है। मेघ गर्जन के साथ बारिश से खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली से सावधान रहने के लिए कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर में मौसम कैसा है
जम्मू-कश्मीर में लगातार कई दिनों से शुष्क मौसम को पश्चिमी विक्षोभ बदल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, 17 अप्रैल से मौसम करवट लेगा और पहाड़ी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बादलों की आवाजाही शुरू होगी। अगले तीन दिन तक रुक-रुक कर मेघ गर्जन के साथ बारिश और कहीं-कहीं हल्की बर्फबारी के साथ ओले गिर सकते हैं। इससे तापमान में फिर से गिरावट हो सकती है। खासकर, घाटी में लोगों को सर्दी का एहसास होगा। आईएमडी की मानें तो जम्मू क्षेत्र में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे जल्द ही हीटवेव की एंट्री के संकेत हैं।
दक्षिण भारत में हीटवेव का अलर्ट
दक्षिण भारत के अधिकांश राज्य लू (Heatwave) की चपेट में हैं। कई हिस्सों पर अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सितम झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग की मानें तो तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में अगले 2 दिन में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास बढ़ोतरी की संभावना है। स्थानीय आईएमडी ने तमिलनाडु के मदुरै, कोयंबटूर, तिरुपत्तूर, धर्मपुरी, सलेम, मदुरै, नमक्कल, पलायमकोट्टई, तिरुचिरापल्ली में हीटवेव के आसपास तापमान है। उधर, केरल के कन्नूर, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, कोझिकोड, अलाप्पुझा, कासरगोड, एर्नाकुलम और कोट्टायम लू की चपेट में हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के दौरान केरल के तटीय भागों पर आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उधर, आंध्र प्रदेश के भी तटीय भागों पर मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं।
पूर्वोत्तर के 7 राज्यों में बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर में बढ़ती गर्मी के बीच प्री मानसून को लेकर संकेत मिल रहे हैं। स्काईमेट ने अगले 3 दिन तक यानी 16 से 19 अप्रैल के बीच एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से मौसम खराब रहने के संकेत दिए हैं। इस दौरान मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड. त्रिपुरा, असम, मेघालय में आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली गिरने और तेज बारिश का अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि, अरुणाचल प्रदेश में शनिवार और रविवार को हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। इन मौसमी गतिविधियों के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि प्री मानसून जल्द ही दस्तक देख सकता है। हालांकि, जून महीने के दौरान मानसून एंट्री दे सकता है, लेकिन गति थोड़ी धीमी रहेगी और अत्यधिक बारिश की संभावना नहीं है। माना जा रहा है कि जून में उत्तर पश्चिम भारत में भीषण लू और गर्म हवाएं चलेंगी, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तीव्र मानसून के आगे बढ़ने के आसार रहेंगे। हालांकि, मानसून सामान्य से कम रहेगा। उत्तर भारत में कम बल्कि पूर्वोत्तर भारत बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय में बेहतर बारिश को होने की उम्मीद है।
