नई दिल्ली:- फसलों द्वारा भूमि से लिये जाने वाले प्राथमिक मुख्य पोषक तत्वों यथा नत्रजन, फास्फोरस एवं पोटाश में से नाइट्रोजन का सर्वाधिक अवशोषण होता है, क्योंकि पौधों को इस तत्व की सबसे अधिक आवश्यकता पड़ती है।
इसके लिए सामान्य यूरिया की मदद से अब तक किसान अपने खेत में नाइट्रोजन की कमी को दूर करते आए हैं और फसल की पैदावार बढ़ाते आए हैं। लेकिन आज हम आपको बताने वाले है, यूरिया की ही एक नई किस्म के बारे में.. जिसे हम सल्फर कोटेड यूरिया के नाम से भी जानते है। किसानों को यह खाद Sulfur Coated Urea उपयोग में क्यों लेना चाहिए एवं उसका कारण क्या है, जिससे पैदावार में बढ़ोतरी होगी। जानेंगे चौपाल समाचार के इस आर्टिकल में सबकुछ..
क्या है सल्फर कोटेड यूरिया
सल्फर कोटेड यूरिया, जिसे हम यूरिया गोल्ड के नाम से भी जानते है। बता दें कि सल्फर कोटेड यूरिया एक कृषि उर्वरक है, जिसमें यूरिया नामक नाइट्रोजन युक्त उर्वरक को सल्फर से आवृत्त किया जाता है। इस प्रक्रिया को सल्फर कोटिंग कहा जाता है।
यह उर्वरक कृषि में पौधों के लिए खाद्यसामग्री के रूप में उपयोग किया जाता है। सल्फर कोटेड यूरिया का उपयोग मुख्यतः सल्फर की आपूर्ति के लिए किया जाता है, जो पौधों के लिए महत्वपूर्ण है। सल्फर Sulfur Coated Urea पौधों के लिए एक आवश्यक तत्व है जो प्रोटीन बनाने में और पौधों की सुरक्षा की प्रक्रियाओं में भाग लेता है।
सामान्य यूरिया की जगह डाले यूरिया गोल्ड
सामान्य यूरिया की जगह सल्फर कोटेड यूरिया का उपयोग किसानों के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है। इस यूरिया कोटेड सल्फर से किसान अपनी फसल फसल की पैदावार को सवा से डेढ़ गुना तक बढ़ा सकते हैं। यूरिया गोल्ड यानि सल्फर यूरिया उन किसानों के लिए वरदान है जिनके खेतों में सल्फर और खनिज लवण की कमी है।
यूरिया गोल्ड इन कमियों को दूर कर मिट्टी को उपजाऊ बनाती है। यह पौधों में नाइट्रोजन उपयोग की क्षमता को बढ़ाता है। इसके इस्तेमाल से उर्वरक की खपत भी कम होती है, साथ ही फसल की गुणवत्ता में भी बढ़ोतरी होती है। वहीं, अब केंद्र सरकार कम कीमत पर किसानों को सल्फर कोटेड यूरिया Sulfur Coated Urea उपलब्ध करवाएगी।
जिससे किसानों को फायदा होगा। इस यूरिया को प्रभावी तरीके से उपयोग में लाने के लिए किसान मिट्टी की जांच सबसे पहले करवा लें। इसके बाद कृषि विशेषज्ञ या किसान सलाहकार से सलाह लेते हुए पर्याप्त मात्रा में इसे उपयोग में लाएं। यूरिया गोल्ड या सल्फर यूरिया, सामान्य यूरिया उर्वरक से कई मामलों में बेहतर है। जैसे :-
सल्फर कोटेड यूरिया से नाइट्रोजन Sulfur Coated Urea की मात्रा धीरे-धीरे रिलीज होती है। सल्फर कोटेड यूरिया में अगर ह्यूमिक एसिड मिला दिया जाए तो इसका जीवनकाल बढ़ जाता है।
सल्फर कोटेड यूरिया का सामान्य यूरिया की जगह उपयोग करना भी एक बेहतर विकल्प है।
सल्फर कोटेड यूरिया के उपयोग करने से मिट्टी में उर्वरक प्रयोग में कमी आती है। उर्वरक का उपयोग कम होने से किसानों के लागत में भी कमी आती है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक यूरिया गोल्ड की 15 किलो मात्रा, सामान्य यूरिया की 20 किलोग्राम मात्रा के बराबर होती है।
सल्फर कोटेड यूरिया की कीमत
केंद्र सरकार जल्द ही यूरिया गोल्ड के नाम से सल्फर लेपित यूरिया बाजार में उपलब्ध होगा। जानकारी के मुताबिक, सरकार 40 किलोग्राम बैग में सल्फर लेपित यूरिया को नीम लेपित यूरिया के 45 किलोग्राम बैग के समान एमआरपी पर पेश करेगी। इसकी कीमत जीएसटी सहित 266.50 रुपये होगी।
