अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारी बारिश और तूफानी हवाओं ने सब अस्त-व्यस्त कर दिया है. अगले एक-दो दिनों के भीतर यहां भीषण बाढ़ आने की आशंका है. यह बाढ़ जमीन पर बहने वाली किसी नदी में नहीं आएगी. कैलिफोर्निया के लिए आफत का पैगाम आसमान से आ रहा है. हवा में ही उफनाती हुई एक नदी कैलिफोर्निया की ओर बढ़ रही है. ऐसी नदियों को ‘वायुमंडलीय नदी’ या atmospheric river कहते हैं. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि वायुमंडलीय नदी की वजह से कुछ घंटों के भीतर काफी ज्यादा बारिश हो सकती है.
अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा ने कहा कि कैलिफोर्निया के दक्षिणी और मध्य तटों पर प्रति घंटे एक इंच और कुल 3-6 इंच (7-15 सेमी) बारिश होने की आशंका है. तलहटी और निचली ऊंचाई वाले पहाड़ों में 6-12 इंच तक बारिश होने की आशंका है. करीब 1.4 करोड़ लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. लाखों घरों में बिजली गुल है. तूफानी रफ्तार से हवाएं चल रही हैं.आखिर इतनी तबाही की क्षमता रखने वाली वायुमंडलीय नदियां क्या होती हैं? कैसे बनती हैं? वायुमंडलीय नदी से जुड़ी हर बात जानिए.
वायुमंडलीय नदियां जलवाष्प की उन धाराओं को कहते हैं जो वायुमंडल के मध्य और निचले भाग के बीच बहती हैं. इन्हें एक तरह से नमी की एक चादर जैसा समझिए जो समुद्र के ऊपर उड़ती रहती हैं. दिक्कत तब आती है जब इनके रास्ते में कोई रुकावट आ जाए, जैसे कैलिफोर्निया की तटीय पर्वतीय रेंज. इन रुकावटों से टकराने के बाद धारा मजबूरी में ऊपर उठती है, उसे ओरोग्राफिक लिफ्ट कहते है. ऊंचाई बढ़ने पर नम हवा का गुबार ठंडा हो जाता है और नमी संघनित होकर बारिश के रूप में गिरती है.
कई वायुमंडलीय नदियां कमजोर होती हैं जो फायदे लायक बारिश कराती हैं. मगर कुछ बड़ी और ताकतवर होती हैं जिनके बिखरने पर बहुत ज्यादा बारिश होती है, बाढ़ आ जाती है, भूस्खलन होता है. स्क्रिप्स इंस्टीट्यूशन ऑफ ओशनोग्राफी के एक्सपर्ट मार्टी राल्फ ने LA टाइम्स को बताया कि वायुमंडलीय नदियां लगभग 500 मील (804.67 KM) चौड़ी होती हैं. सैटेलाइट्स ने कैलिफोर्निया के ऊपर नदी के मूवमेंट को कैप्चर किया है.
