: युवक/युवती का विवाह सही उम्र में न हो तो माता पिता की चिंता बढ़ जाती है. यह चिंता तब और भी बढ़ जाती है जब युवक या युवती नौकरी भी कर रहे हों. वर्तमान समय में नौकरी के आधार पर वर या कन्या की तलाश विवाह में विलंब का एक कारण हो सकती है. सामान्य तौर पर युवक के वयस्क होने और पढ़ाई पूरी कर नौकरी या बिजनेस करने के कुछ समय के बाद ही विवाह हो जाना चाहिए यदि लेट हो रहा है तो नीचे लिखे उपायों को करने से अवश्य लाभ मिल सकता है.
1. विवाह कार्य में किसी भी तरह की बाधा आने की स्थिति में घर के दक्षिण पश्चिम स्थान पर नित्य सांयकाल चमेली के तेल का दीपक जलाने से विवाह में आ रही बाधा दूर होकर शीघ्र विवाह की स्थिति बनती है.
2. शुक्रवार के दिन किसी दिव्यांग (नेत्रहीन) व्यक्ति को उसके उपयोग की सुगंधित वस्तु अथवा इत्र को दान करने से शीघ्र ही विवाह सुख की प्राप्ति होती है.
3. शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार के दिन दो मोती बाजार से खरीद कर लाएं, इनमें से एक को अपने ऊपर से सात बार घुमा कर किसी नदी की बहती हुई धारा में प्रवाहित कर दें और इसके साथ के दूसरे मोती को सदैव अपने पास रखें तो विवाह कार्य में आ रही बाधा शीघ्र ही समाप्त हो जाएगी.
4. शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार के दिन किसी पात्र में दो इलायची व साथ में पांच तरह की मिठाई रख कर साथ में घी का दीपक प्रज्वलित कर देवी को अर्पित करें. यह उपाय वर को करना है. 5. नवरात्रि में कन्या भोज अवश्य ही करना चाहिए, इससे आ रही विवाह में बाधा समाप्त तो होगी ही साथ ही सर्वगुण संपन्न कन्या से विवाह होगा.
6. विवाह के समय जिस कन्या के हाथों में मेहंदी लग रही हो उसके उपरांत उस कन्या के हाथों में अविवाहित कन्या अपने हाथों में यदि मेहंदी लगवाए तो उसका विवाह शीघ्र ही संपन्न हो जाता है.
