अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव इस साल के आखिर में होने हैं. आसार हैं कि एक दफा फिर से ये मुकाबला डेमोक्रेटिक नेता और मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और रिपब्लिकन नेता और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच होगा. चुनाव से पहले अपनी-अपनी पार्टी की तरफ से दावेदार होने के लिए वाशिंगटन की राजनीति में खूब जोर-आजमाइश होती है.इसी कड़ी में एक दावेदार हैं निक्की हेली. हेली रिपब्लिकन प्रेसिडेंट कैंडिडेट के तौर पर इस चुनाव में दावेदारी कर रही हैं. चुनाव प्रचार के दौरान एक इंटरव्यू में हेली ने भारत को लेकर एक दिलचस्प बयान दिया. हेली ने कहा कि एक तरफ भारत अमेरिका का सहयोगी बनना चाहता है लेकिन दूसरी तरफ उन्हें अमेरिकियों के नेतृत्व पर भरोसा नहीं है.‘
भारत को अमेरिकी नेतृत्व पर भरोसा नहीं’हेली ने आगे कहा कि भारत ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में बहुत स्मार्ट तरीके से अपने को पोजिशन किया है और उसने ऐसा रूस के साथ नजदीकियों को जारी रखते हुए किया है. हेली को एक भारतीय-अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर उभरता हुआ देखा जा रहा है. निक्की हेली ने ये बातें फॉक्स बिजनेस न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में की.
निक्की ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनकी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हुई है, भारत के साथ कई दूसरे पहलूओं पर भी उनका संपर्क रहा है. हेली ने इसी आधार पर ये दावा किया है कि भारत रूस का सहयोगी नहीं बनना चाहता बल्कि वह अमेरिका का पार्टनर होना चाहता है मगर भारत आज ये देख रहा है कि हम कमजोर स्थिति में हैं और उसे भरोसा नहीं है कि हम विश्व को नेतृत्व दे पाएंगे.चीन पर निक्की का पुरजोर हमलाभारत के साथ रूस की निकटता की निक्की ने वजह भारत का बड़े पैमाने पर रूस से अपनी मिलिट्री के लिए साजो समानों की खरीद बताया.
निक्की ने ये आसार जताया कि अमेरिका दोबारा से नेतृत्व करने लगेगा, अपनी कमजोरी को दूर कर लेगा…भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इजराइल, जापान, दक्षिण कोरिया जैसे हमारे मित्र देश भी ऐसा ही चाहते हैं.निक्की ने जापान का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद चीन पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है और भारत भी बीजिंग पर निर्भरता कम करने के लिए एक अरब डॉलर का प्रोत्साहन अपने यहां दे रहा है. निक्की ने कहा कि अमेरिका को अपने सहयोगियों के साथ और काम करने, अलांयस बढ़ाने की जरुरत है.
