मध्य प्रदेश:- इंदौर में भीख मांगने वाली एक महिला को पुलिस ने पकड़ा तो उसने जो बताया उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई. दरअसल, पुलिस ने भिखारियों को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया था, लव कुश चौराहे पर 12 फरवरी को संस्था ‘प्रवेश’ ने भीख मांगने वाली इंदिरा नामक महिला को रेस्क्यू कर पकड़ा, जो अपने दो बच्चों के साथ पकड़ी गई, जब संस्था के लोगों ने पूछताछ की, जिसमें महिला ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए.
संस्था प्रवेश की अध्यक्ष रुपाली जैन बताया कि भिक्षावृत्ति जैसे अभिशाप को हम सभी बढ़ावा दे रहे हैं. कहीं ना कहीं भीख देकर और हमें इसको रोकना चाहिये. 12 फरवरी को लवकुश चौराहे पर हमने एक कार्रवाई करके एक इंदिरा बाई नाम की महिला को रेस्क्यू किया, जिसके साथ लगभग 8 साल की उम्र को उसकी बच्ची भी थी और इस महिला के पांच बच्चे हैं. दो बच्चे अपने गांव राजस्थान बारा जिले में रखे हैं. महिला इंदिरा यहां पर यह पूरे परिवार के सहित यहां पर भीख मांगती थी, लवकुश चौराहे पर उन्होंने डेरा बना रखा है. हमने इसको रेस्क्यू किया, बाकी परिवार के लोग इनके भाग गए.
महिला ने पूछताछ में किए सनसनीखेज खुलासे
जब महिला से पूछताछ की गई तो उसने ऐसे खुलासे किए कि पुलिस भी सुनकर दंग रह गई. इससे ये भी पता चला कि इंदौर में किस तरह से भिक्षावृत्ति का व्यापार फल-फूल रहा है. महिला के पास से 7 दिन की कमाई 19 हजार रुपये से ज्यादा निकली. पुलिस ने महिला के बच्चों को CWC के सुपुर्द कर दिया है, वहीं महिला को जेल भेजा जा चुका है.
पुलिस ने 151 की कार्रवाई कर भेजा जेल
इंदिरा बाई नाम की महिला को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया है. संस्था ने पुलिस से महिला की शिकायत की थी. जिसके आधार पर महिलाओं को लाया गया. इस प्रकार से कृत्य नहीं करने की समझाइश दी गई, लेकिन उसे महिला काफी उत्तेजित होने लगी. थाना बाणगंगा में प्रतिबंधात्मक कार्य धारा 151 की कार्रवाई कर उसको न्यायालय पेश किया गया. जहां से महिला को जेल भेज दिया गया है. बाणगंगा थाने की एसआई ईश्वर चंद राठौड़ ने बताया कि महिला लवकुश चौराहे पर अपने परिवार के साथ डेरा डालकर रह रही थी और यहीं पर भीख मांगती थी.
दरअसल, कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशानुसार इंदौर को भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाए जाने की काेशिश के तहत ये कार्रवाई की जा रही है.
MNC के कर्मचारी के बराबर हर रोज कमाती है भिखारी
महिला इंदिरा प्रतिदिन 2 से ₹3000 कमाने की बात बताई है. पिछले 45 दिनों की कमाई का आंकड़ा ढाई लाख के पार पहुंच गया, जिसमें महिला ने एक लाख रुपये राजस्थान उसके गांव भेजा है और ₹50 हजार रुपये अकाउंट में डाले. 50 हजार की बच्चे के नाम एफडी कराई और 50 हजार रुपये खर्च के लिए रखे. महिला के नाम पर एक बाइक भी है, पक्का मकान है. गांव में जमीन है. इतना सब कुछ होने के बावजूद भी यह भीख मांगने का काम कर रही है.
महिला को संस्था ने पुलिस के हवाले किया, बढ़ाई गई धाराएं
प्रवेश संस्था ने महिला को पुलिस के हैंडओवर कर दिया, पुलिस ने मामले को कोर्ट में पेश किया है और धाराएं भी बढ़ाई जा रही हैं. संस्था ने बताया कि महिला के खिलाफ कठोर कदम उठाने से मां-बाप रुकेंगे और अपने बच्चों भीख मंगवाना बंद करेंगे. क्योंकि बाद में यह अपराध की तरफ मुड जाते हैं, शादी र रिसेप्शन में जाकर बैग मार लेना, चोरी की घटनाओं को अंजाम देने लगते हैं. महिला इंदिरा बाई है और इसके पूरे परिवार के सदस्य भिक्षावृत्ति करते करवाते हैं. इतना ही नहीं बल्कि यह 150 लोग उनके गांव राजस्थान इलाके से यहां पर आकर भिक्षावृत्ति कर रहे थे.
