*महाराष्ट्र:-* महाराष्ट्र में आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी उथल पुथल तेज हो गई है. इसी बीच शरद पवार ने बारामती सीट से सुप्रिया सुले को उम्मीदवार बनाया है. बारामती को पवार परिवार का गढ़ का माना जाता है. वर्तमान में इसी सीट से सुप्रिया सुले सांसद हैं. साल 2009 से सुप्रिया सुले इस सीट से लगातार लोकसभा चुनाव जीत रही हैं.सियासी गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार बारामती से चुनाव लड़ सकती हैं. ऐसे में सुनेत्रा पवार के यहां से चुनाव लड़ने पर सुप्रिया सुले की राहें मुश्किलें हो सकती हैं. शनिवार को पुणे जिले के भोर तहसील में राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ महाविकास अघाड़ी के अन्य दलों की एक रैली आयोजित की गई थी. इसी रैली में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने सुप्रिया सुले बारामती से दोबार चुनाव लड़ने का ऐलान किया. इस कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य और शिवसेना नेता संजय राउत भी मौजूद थे. पवार परिवार की पारंपरिक सीट है बारामतीइस रैली को संबोधित करते हुए शरद पवार ने उम्मीद जताई है कि आगामी 14 या 15 मार्च को निर्वाचन आयोग लोकसभा चुनाव का ऐलान कर सकता है. उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने उनके संगठन को “तुरही बजाते हुए आदमी” का सिंबल आवंटित किया है. बारामती सीट को शरद पवार की पारंपरिक की सीट मानी जाती है. साल 1984 में बारामती सीट पर शरद पवार ने पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था. इसके बाद वह इस सीट पर 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 तक लोकसभा सांसद रहे.ननद और भाभी में कड़ी टक्कर!साल 2009 के लोकसभा चुनाव में शरद पवार ने बारामती सीट को बेटी सुप्रिया सुले के लिए छोड़ दिया. इसके सुप्रिया सुले इस सीट से 2009, 2014 और वर्तमान यानी 2019 में भी सांसद हैं. हालांकि इस बार बारामती में उनकी राह आसान नहीं होगी. अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस सीट पर सुनेत्रा पवार भी चुनावी रण में उतर सकती हैं, ऐसे भाभी और ननद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी.उपमुख्यमंत्री कई भाषणों में पत्नी सुनेत्रा पवार के बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके हैं. इस सीट पर सुनेत्रा पवार लगातार सक्रिय हैं और यहां के क्षेत्रीय नेताओं से लगातार मिल रही हैं. उनकी तस्वीर वाला एक प्रचार वाहन भी पूरे क्षेत्र में घूम रहा है. सुनेत्र पवार के बारामती से चुनाव लड़ने की अटकलों को लेकर शरद पवार ने कहा था कि यह लोकतांत्रिक देश है, कोई कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है।
