दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई में गिरावट के संकेत हैं.इसके बाद केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं.आरबीआई भी आने वाले दिनों में रेपो रेट में कटौती कर सकता है.नई दिल्ली. अपने निवेश पर ज्यादा रिटर्न पाना हर निवेशक की ख्वाहिश होती है. कोई शेयर बाजार से कमाता है तो कोई म्यूचुअल फंड में पैसे लगाता है. किसी को जोखिम उठाना पसंद नहीं, तो वह एफडी से ही पैसे कमाने पर जोर देता है. हम आपको ऐसा विकल्प बता रहे हैं, जिसमें निवेश करने पर आपको एफडी जैसी सुरक्षा मिलेगी और ब्याज उसे कहीं ज्यादा होगा. निवेशकों ने भी इस मौके का फायदा उठाना शुरू कर दिया है और यहां पैसे लगाने में तेजी दिख रही है.दरअसल, दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई में गिरावट के संकेत मिलने के साथ अब इस बात की पूरी संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं.
इसका पहला संकेत अमेरिकी फेडरल रिजर्व से आया है जो जून की शुरुआत में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी ऐसा कदम उठा सकते हैं और रिज़र्व बैंक भी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है. यानी आरबीआई भी आने वाले दिनों में रेपो रेट में कटौती कर सकता है.
निवेशक उठा रहे सेंटीमेंट का लाभइस सेंटीमेंट को देखते हुए निवेशक अब फिर से कॉरपोरेट बॉन्ड फंडों की ओर दिलचस्पी दिखाने लगे हैं, क्योंकि गिरती ब्याज दरों की पृष्ठभूमि में कॉरपोरेट बॉन्ड से रिटर्न बढ़ता है. यह इस तथ्य के बावजूद है कि इन फंडों पर लागू इंडेक्सेशन बेनिफिट को समाप्त कर दिया गया है. हालांकि, ये फंड अभी भी ब्याज दर में बढ़ोतरी और कम लागत अनुपात (Low Cost Ratio) के लाभ के साथ आते हैं.एफडी से ज्यादा दिया रिटर्नकॉरपोरेट बॉन्ड फंड ऐसे डेट फंड हैं जो एए+ और उससे ऊपर रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में निवेश करते हैं.
इसका उदाहरण निप्पॉन इंडिया कॉरपोरेट बॉन्ड फंड है, जो 8% से अधिक वार्षिक रिटर्न दे रहा है. इस कैटेगरी के औसत से कहीं अधिक रिटर्न है. कॉरपोरेट बॉन्ड द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरें अन्य ब्याज दर में बदलाव से सीधे प्रभावित होती हैं, क्योंकि बॉन्ड की कीमतें और ब्याज दरें एक दूसरे की उलटी दिशा में होती हैं.क्या है घर में कैश रखने की लिमिट?क्या है घर में कैश रखने की लिमिट?आगे देखें…सालभर में दिया अच्छा रिटर्नएडवाइजर खोज के सह संस्थापक द्वैपायन बोस कहते हैं कि पिछले एक साल में कॉरपोरेट बॉन्ड फंडों ने अच्छा परफॉर्म किया है. निप्पॉन इंडिया कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ने 8.39% का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया है, जबकि इस कैटेगरी के कुल फंडों में से लगभग आधे ने 8% से अधिक रिटर्न दिया है.
इनमें एक्सिस कॉरपोरेट डेट फंड, एचडीएफसी कॉरपोरेट बॉन्ड फंड, बड़ौदा बीएनपी पारिबा, एचएसबीसी और आदित्य बिड़ला सन लाइफ शामिल हैं.
क्यों नहीं होता इसमें जोखिमकॉरपोरेट बॉन्ड म्यूचुअल फंड जोखिम से बचने वाले निवेशकों के लिए आदर्श हैं जो निवेश पर उच्च रिटर्न की तलाश में हैं क्योंकि वे डेट इन्स्ट्रूमेंट्स हैं और पूंजी की सुरक्षा करते हैं. टॉप कॉरपोरेट बॉन्ड फंड की समयावधि आम तौर पर 1 से 4 साल के बीच होती है, जो निवेशकों को अपनी लिक्विडिटी मेन्टेन करने की अनुमति देती है. हाई रिटर्न की पेशकश के अलावा, कॉरपोरेट बॉन्ड फंड को किसी भी समय खरीदा और बेचा जा सकता है, जिससे निवेशकों को पैसे की आवश्यकता होने पर नकदी निकालने की अनुमति मिलती है.
