नई दिल्ली:– राहुल गांधी 18वीं लोकसभा में विपक्ष के नेता होंगे। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नई लोकसभा में राहुल गांधी को पार्टी संसदीय दल का नेता नामित करते हुए प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब को इसका पत्र भेज दिया है।
कुछ दिनों पहले कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में नेताओं ने सर्वसम्मति से ये फैसला लिया था कि राहुल गांधी को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए। हालांकि, उस समय राहुल गांधी ने इस फैसले पर सोच विचार करने के लिए कुछ वक्त मांगा था।
खरगे ने की राहुल गांधी की तारीफ
राहुल गांधी के लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर चुने जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने उन्हें बधाई दी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा,” सही मायने मे 18वीं लोकसभा में जनता की आवाज सदन में गूंजेगी। राहुल गांधी देश की जनता की आवाज बनेंगे।
खरगे ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के अपने शाश्वत सिद्धांतों को कायम रखते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
वहीं, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राहुल गांधी के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष चुने जाने पर कहा,” यह देश की आवाज़ थी कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनें। देश को एक बड़े चेहरे, जाति, पंथ और धर्म से परे एक मज़बूत आवाज़ की ज़रूरत थी।
पप्पू यादव ने आगे कहा कि पिछली लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी विपक्ष का नेता थे, जिन्हें हिंदी के साथ-साथ अंग्रेज़ी में भी बोलने में दिक्कत होती थी। लेकिन राहुल गांधी के साथ ऐसा नहीं है और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले नेता हैं।
विपक्ष गठबंधन ने राहुल के नाम पर भरी हामी
राहुल को नेता विपक्ष बनाने की घोषणा से पहले मंगलवार रात को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आइएनडीआइए के घटक दलों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में खरगे ने राहुल गांधी को नेता विपक्ष बनाए जाने के कांग्रेस के फैसले की जानकारी वहां मौजूद सहयोगी दलों के नेताओं को दी। समझा जाता है कि इस पर आइएनडीआइए के लगभग सभी घटक दलों ने हामी भरी।
